बलरामपुर। “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए” – सोशल मीडिया पर नीट फर्जीवाड़े के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर की गई एक पोस्ट एक सरकारी पटवारी को महंगी पड़ गई।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के SDM अभिषेक गुप्ता ने डौरा कोचली तहसील में पदस्थ पटवारी संप्रीत एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें बलरामपुर तहसील कार्यालय में अटैच किया गया है।
क्या था पूरा मामला ?
नीट परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन चल रहा था। इसी बीच 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पर पटवारी संप्रीत एक्का ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणी वाली पोस्ट की। पोस्ट वायरल होने के बाद इसकी शिकायत प्रशासन तक पहुंची।

नोटिस का जवाब नहीं देने पर हुई कार्रवाई
एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने के बाद पटवारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय में पटवारी ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। मामले में सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उन पर कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के दौरान बलरामपुर तहसील में अटैच
कार्रवाई के बाद पटवारी संप्रीत एक्का को उनके मूल पद डौरा कोचली तहसील से हटाकर निलंबन अवधि के लिए बलरामपुर तहसील कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी द्वारा सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणी करना सेवा नियमों के खिलाफ है।
FAQ: बलरामपुर पटवारी निलंबन मामला
सवाल 1. किस पटवारी पर कार्रवाई हुई ?
संप्रीत एक्का, जो बलरामपुर जिले के डौरा कोचली तहसील में हल्का पटवारी के पद पर पदस्थ थे।
सवाल 2. कार्रवाई की वजह क्या थी ?
25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोशल मीडिया में राजनीतिक पोस्ट करना और नोटिस का जवाब न देना।
सवाल 3. किसने की कार्रवाई ?
बलरामपुर SDM अभिषेक गुप्ता ने सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर निलंबन का आदेश दिया।
सवाल 4. अब पटवारी कहां अटैच हैं ?
निलंबन के दौरान उन्हें बलरामपुर तहसील कार्यालय में अटैच किया गया है।
सवाल 5. क्या सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकते ?
कर सकते हैं, लेकिन राजनीतिक टिप्पणी और सेवा नियमों के खिलाफ पोस्ट करने पर कार्रवाई हो सकती है।


