राजनांदगांव/गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सलियों का डर पैदा करने के लिए नकली बैनर-पोस्टर लगाने वाले 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
गढ़चिरौली एसपी एम. रमेश के नेतृत्व में ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भामरागढ़ तहसील के सभी आरोपियों को पकड़ा। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने साजिश के तहत इलाके में माओवादियों का भय फैलाने के लिए यह हरकत की थी।
25 जुलाई को मिला था नकली बैनर
मिली जानकारी के अनुसार 25 जुलाई को पुलिस को फुलनार इलाके के हिदूर-डोबुर रोड पर लाल कपड़े का एक बैनर और कुछ पोस्टर मिले थे।
बैनर पर नक्सली संगठन के नाम लिखे थे। जांच में प्रथम दृष्टया पता चला कि यह काम कतिपय शरारती तत्वों ने नक्सल भय का प्रचार-प्रसार करने के इरादे से किया था।
मुखबिरों की मदद से पकड़े गए 6 आरोपी
गढ़चिरौली पुलिस ने अपने संपर्कों और मुखबिरों के जरिए पतासाजी की। इसके बाद पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- जोगा रैनू धुरवा – 40 वर्ष
- मालू कांडे धुरवा – 42 वर्ष
- दलसु मार्रा तेलामी – 50 वर्ष
- चैतू डूंगा धुरवा – 53 वर्ष
- गणेश देवु आलमी – 40 वर्ष
- राजेश दल्लू वड्डे – 32 वर्ष
सभी आरोपी भामरागढ़ तहसील के रहने वाले हैं।
महाराष्ट्र सुरक्षा अधिनियम के तहत जेल भेजा
पुलिस ने सभी आरोपियों पर महाराष्ट्र सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की और उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसपी एम. रमेश ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अभी पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है।
पुलिस ने आम जनता से की अपील
पुलिस ने आम लोगों से नक्सल समस्या के खात्मे में सहयोग करने और बेखौफ रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अफवाह और डर फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
FAQ: राजनांदगांव-गढ़चिरौली नकली नक्सल बैनर मामला
सवाल 1. घटना कहां की है ?
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के फुलनार इलाके के हिदूर-डोबुर रोड की घटना है।
सवाल 2. कब और क्या मिला था ?
25 जुलाई को पुलिस को लाल कपड़े का बैनर और पोस्टर मिले थे जिन पर नक्सली संगठन का नाम लिखा था।
सवाल 3. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए ?
कुल 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। सभी भामरागढ़ तहसील के निवासी हैं।
सवाल 4. आरोपियों ने ऐसा क्यों किया ?
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने नक्सलियों का डर पैदा करने और इलाके में दहशत फैलाने के लिए यह साजिश की थी।
सवाल 5. किस कानून के तहत कार्रवाई हुई ?
आरोपियों पर महाराष्ट्र सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया है।


