भिलाई। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भिलाई में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। दुर्गापुर SAIL के एक सेवानिवृत्त जीएम को दोगुना मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने 49 लाख रुपये ठग लिए।
पीड़ित को पहले फेसबुक विज्ञापन के जरिए संपर्क किया गया, फिर मोबाइल ऐप डाउनलोड कराकर डेढ़ महीने में पूरा पैसा हड़प लिया। शिकायत पर रेंज साइबर थाना ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुई ठगी की शुरुआत
पुलिस के अनुसार, पीड़ित नेहरू नगर के निवासी हैं। उनके फेसबुक अकाउंट पर शेयर ट्रेडिंग में निवेश से जुड़ा एक आकर्षक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उनकी बातचीत व्हाट्सएप के माध्यम से एक व्यक्ति से शुरू हुई।
आरोपी ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताया और कम समय में निवेश की रकम दोगुनी करने का दावा करते हुए उन्हें शेयर ट्रेडिंग में निवेश के लिए तैयार किया।
मोबाइल ऐप डाउनलोड कराकर निवेश कराया
ठग ने पीड़ित से एक निवेश संबंधी मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया और उसी के जरिए निवेश की प्रक्रिया शुरू करवाई। शुरुआत में सेवानिवृत्त जीएम ने 1.5 लाख रुपये निवेश किए।
ऐप में लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाई देने लगा, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपी के कहने पर उन्होंने अलग-अलग किस्तों में लगातार पैसे निवेश किए।
डेढ़ महीने में गंवा दिए 49 लाख रुपये
करीब डेढ़ महीने के भीतर पीड़ित ने कुल 49 लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद अचानक निवेश वाला मोबाइल ऐप बंद हो गया और आरोपी से संपर्क भी टूट गया। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
रेंज साइबर थाना में मामला दर्ज
पीड़ित ने सबसे पहले सुपेला थाना में शिकायत दर्ज कराई। चूंकि ठगी की राशि 49 लाख रुपये थी, इसलिए मामला जांच के लिए रेंज साइबर थाना को स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर उनकी पहचान और रकम की ट्रेल खंगालना शुरू कर दिया है।
ऐसी ठगी से कैसे बचें ?
सायबर फ्रॉड से बचने के लिए आप भी पूरी तरह अलर्ट रहें। किसी भी अनजान ऐप या व्हाट्सएप ग्रुप में निवेश न करें। SEBI se रजिस्टर्ड ब्रोकर से ही निवेश करें। पुलिस ने भी ज्यादा फायदे के लालच में इस तरह की ठगी से बचने की अपील की है।
FAQ: भिलाई साइबर ठगी मामला
सवाल 1. किससे हुई ठगी ?
SAIL दुर्गापुर के रिटायर्ड जीएम से। वे नेहरू नगर, भिलाई के निवासी हैं।
सवाल 2 कितने रुपये की ठगी हुई ?
कुल 49 लाख रुपये। डेढ़ महीने में अलग-अलग किस्तों में लिए गए।
सवाल 3. ठगों ने कैसे फंसाया ?
फेसबुक विज्ञापन → व्हाट्सएप संपर्क → नकली निवेश ऐप डाउनलोड कराकर दोगुना मुनाफे का झांसा दिया।
सवाल 4. अब क्या कार्रवाई हुई ?
रेंज साइबर थाना ने अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज किया है। रकम की ट्रेल खंगाली जा रही है।


