छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश भारी वर्षा का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश के चलते उफान पर आए नदी-नाले और जलमग्न सड़कें।

Chhattisgarh Weather Update: देशभर में मानसून अब अपने पूरे उफान पर आ पहुंचा है और कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश व बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अगस्त के लिए पूरे देश में एक नई चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान सहित देश के 19 प्रमुख राज्यों में भारी बारिश के साथ ही तेज आंधी-तूफान का प्रकोप देखने को मिलेगा। इस दौरान मैदानी क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पूर्वोत्तर के राज्यों में बाढ़ का संकट और गहराने की आशंका जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, निचले क्षोभमंडल स्तर में मध्य असम के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जबकि दक्षिणी गुजरात से लेकर उत्तरी केरल के तट तक कम दबाव की एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 6 से 7 दिनों तक रुक-रुक कर व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वोत्तर राज्यों में भारी जलभराव के चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही कई राज्यों में ओलावृष्टि और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

See also  Weather Update: तापमान में गिरावट की संभावना, इन जगहों में हो सकती है बूंदाबांदी, जानिए मौसम विभाग की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल?
छत्तीसगढ़ में मॉनसून की गतिविधियां लगातार जारी हैं। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आज यानी 1 अगस्त 2026 को राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
राजधानी दिल्ली में 1 अगस्त को 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश की चेतावनी दी गई है, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, बिजनौर, मोरादाबाद, मेरठ, आगरा, प्रयागराज और वाराणसी समेत 16 से अधिक जिलों में 55 किमी प्रति घंटे की आंधी के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, रीवा और छिंदवाड़ा तथा राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे जिलों में 50 से 55 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।

See also  छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: आंधी-बारिश से मिली राहत, अगले 2 दिनों तक अलर्ट जारी

पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का बढ़ा खतरा
बिहार के पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर सहित 20 से ज्यादा जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड के रांची, बोकारो और पूर्वी-पश्चिम चंपारण जैसे क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड के देहराादून, नैनीताल, चमोली और हरिद्वार तथा हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कांगड़ा व चंबा में भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण 5 से अधिक राज्यों में भूस्खलन का गंभीर खतरा बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, जम्मू और बारामूला में भी 3 अगस्त तक खराब मौसम की चेतावनी दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की सख्त हिदायत
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और स्थानीय प्रशासन ने प्राकृतिक आपदा के खतरे को देखते हुए किसानों, मछुआरों और पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण खुले क्षेत्रों में बने अस्थायी ढांचे ढह सकते हैं तथा दृश्यता (Visibility) कम होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को नदी-नालों के करीब न जाने और पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी गई है। तटीय और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

See also  छत्तीसगढ़ में 5 दिनों तक जारी रहेगा अंधड़-बारिश का दौर: 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, यलो अलर्ट जारी