प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया है कि राज्य में पूरी तरह से प्रशासनिक अराजकता हावी है और सरकार का नौकरशाही पर से नियंत्रण खत्म हो चुका है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया है कि राज्य में पूरी तरह से प्रशासनिक अराजकता हावी है और सरकार का नौकरशाही पर से नियंत्रण खत्म हो चुका है।

CG Congress: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था और बेलगाम अफसरशाही को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि राज्य में पूरी तरह से प्रशासनिक अराजकता हावी है और सरकार का नौकरशाही पर से नियंत्रण खत्म हो चुका है।

‘जो करना है कर लो’सांसद को अधिकारी की चुनौती

कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि स्थितियां इतनी बदतर हो चुकी हैं कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल को एक वरिष्ठ अधिकारी खुलेआम यह तक कह देता है कि “जो करना है कर लो।”

उन्होंने सरकार की लाचारी पर सवाल उठाते हुए कहा:

“जब सत्तापक्ष के वरिष्ठतम नेता और सांसद के साथ एक वरिष्ठ सचिव इस तरह का व्यवहार कर सकता है, तो राज्य के आम जनप्रतिनिधियों, विधायकों और जनता की क्या सुनवाई होती होगी? सरकार में इतनी क्षमता नहीं बची है कि वह नौकरशाहों को सामान्य शिष्टाचार सिखा सके।”

See also  छत्तीसगढ़: भूपेश बघेल मंत्रिमंडल की बैठक कल, कोरोना संकट, स्कूलों को खोलने सहित कई मुद्दों पर होगी चर्चा

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी का दिया हवाला

कांग्रेस ने राज्य में नौकरशाही के हावी होने के सबूत के रूप में खुद भाजपा के दिग्गज नेताओं के उदाहरण दिए:

ननकी राम कंवर का धरना: पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठतम नेता ननकी राम कंवर को प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ मुख्यमंत्री निवास के सामने धरने तक की चेतावनी देनी पड़ी थी। उन्होंने कलेक्टरों पर DMF फंड के दुरुपयोग और भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के लिखित आरोप लगाए थे।

मंच से नेताओं का रोष: बेमेतरा में मुख्यमंत्री की मौजूदगी के बावजूद कार्यक्रमों में अव्यवस्था, सुशासन त्योहार में मंत्रियों द्वारा पुलिस पर आरोप और पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष का सार्वजनिक मंच से गुस्सा प्रकट करना।

अवैध शराब के आरोप: सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा राजधानी रायपुर में अधिकारियों की देखरेख में अवैध शराब बिकवाने का खुला आरोप लगाना।

रवि भगत का रुख: भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष और आदिवासी नेता रवि भगत द्वारा भी बेलगाम नौकरशाही की मनमानी को उजागर किया जाना।

See also  BIG BREAKING : राजधानी के मल्टीलेवल पार्किंग में नाबालिग से गैंगरेप : ब्वॉयफ्रेंड के दोस्तों ने किया दुष्कर्म

‘जनता हो रही परेशान, कानून-व्यवस्था पूरी तरह ठप’

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार की कमजोर पकड़ के कारण पूरा प्रशासनिक तंत्र निरंकुश हो गया है। राज्य में काम करने की संस्कृति पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। आम नागरिक अपने छोटे-छोटे दैनिक कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगाया?

उत्तर: उन्होंने राज्य में बेलगाम लालफीताशाही (अफसरशाही) और प्रशासनिक अराजकता हावी होने तथा सरकार का नियंत्रण खत्म होने का आरोप लगाया।

Q2. कांग्रेस के अनुसार किस अधिकारी ने किस सांसद के प्रति अभद्र रवैया दिखाया?

उत्तर: कांग्रेस का दावा है कि एक वरिष्ठ सचिव ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल से कहा कि “जो करना है कर लो।”

Q3. प्रशासनिक अव्यवस्था को लेकर भाजपा के किस वरिष्ठ नेता ने धरना देने की चेतावनी दी थी?

See also  देखें देश की पहली रैपिड रेल का लुक, 180 KM प्रतिघंटा होगी रफ्तार, जानें खासियतें

उत्तर: भाजपा के वरिष्ठतम नेता ननकी राम कंवर ने प्रशासनिक उत्पीड़न और डीएमएफ (DMF) फंड के दुरुपयोग के खिलाफ मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देने की घोषणा की थी।

Q4. कांग्रेस ने रायपुर में अवैध शराब बिक्री को लेकर किस नेता के बयान का संदर्भ दिया?

उत्तर: कांग्रेस ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के उस बयान का संदर्भ दिया जिसमें उन्होंने अधिकारियों की शह पर रायपुर में अवैध शराब बिकने की बात कही थी।

Q5. यह प्रेस विज्ञप्ति किस अधिकृत प्रवक्ता/विभाग द्वारा जारी की गई?

उत्तर: यह विज्ञप्ति छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला द्वारा आधिकारिक रूप से जारी की गई।