Elephant Ivory Smuggling Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में हाथीदांत तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
संयुक्त कार्रवाई में धर्मशाला के एक कमरे से हाथी के जबड़े के तीन हाथीदांत बरामद किए गए। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने की छापेमारी
वन मंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी के मार्गदर्शन में 3 अगस्त 2026 को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र, भोपाल), राज्य उड़न दस्ता रायपुर और वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम ने रामानुजगंज स्थित आमंत्रण धर्मशाला में छापेमारी की।
टीम ने धर्मशाला के कमरा नंबर 205 की तलाशी ली। जांच के दौरान एक बैग से हाथी के जबड़े के तीन हाथीदांत बरामद हुए। मौके पर मौजूद तीन संदिग्धों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार
संतोष कुमार विश्वकर्मा (42), निवासी पलामू, झारखंड, अजय कुमार गुप्ता (49), निवासी बलरामपुर-रामानुजगंज, सतेन्द्र कुमार (50), निवासी बलरामपुर-रामानुजगंज पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग के अनुसार भारतीय जंगली हाथी अनुसूची-1 में संरक्षित वन्यजीव है, इसलिए हाथीदांत की तस्करी को गंभीर वन अपराध माना जाता है। जब्त किए गए हाथीदांत को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसके बाद आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
तस्करी के नेटवर्क की जांच जारी
वन परिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। हाथीदांत तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीव तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


