Bastar Development: बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास की रफ्तार तेज करने की तैयारी है। जंगलों में बसे जिन गांवों तक नक्सलियों की मौजूदगी और उनके खौफ के कारण सड़कें, पुल-पुलिया और सरकारी भवन नहीं बन पाते थे, वहां अब बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम शुरू हो रहे हैं।

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित कैंपा (CAMPA) की समीक्षा बैठक में नक्सल प्रभाव से मुक्त क्षेत्रों में सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

713.73 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना तैयार

बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 713.73 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी देकर केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसमें से 436.19 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इस बजट से केवल निर्माण कार्य ही नहीं होंगे। बस्तर के जंगलों में वृक्षारोपण, वन्यप्राणी प्रबंधन, चरागाह विकास और चेक डैम-तालाबों के जरिए भू-जल संरक्षण के काम भी किए जाएंगे।

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नक्सल प्रभाव से मुक्त इलाकों में पहुंचेंगे सड़क और पुल

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि नक्सल प्रभाव से मुक्त हुए क्षेत्रों में पहुंच मार्ग, पुलों और सरकारी भवनों के निर्माण में तेजी लाई जाए। इससे लंबे समय से कटे हुए गांवों तक शासन-प्रशासन की सीधी पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। सड़क और पुल बनने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही इन इलाकों में विकास कार्यों की रफ्तार भी बढ़ने की उम्मीद है।

सुरक्षा के बाद विकास पर जोर

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सुरक्षा बलों की सफलता के बाद अब बस्तर में बुनियादी विकास के जरिए तस्वीर बदलने की तैयारी है। सड़क, पुल और सरकारी भवन जैसी सुविधाओं के विस्तार से दूरदराज के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने पर फोकस किया जा रहा है।