Property tax in Gram Panchayats: प्रदेश की ग्राम पंचायतों में संपत्ति कर लागू करने के आदेश से नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। जनपद पंचायत भरतपुर ने सभी सचिवों को हर कर योग्य परिवार से 1200 रुपये वार्षिक यानी 100 रुपये प्रतिमाह भवन-मकान कर वसूलने के निर्देश दिए हैं। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने इसे जनता पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की है।
जनपद पंचायत भरतपुर ने 1 जुलाई 2026 को सभी ग्राम पंचायत सचिवों को अंतिम स्मरण पत्र जारी किया। पत्र में कहा गया कि 16वें वित्त आयोग के निर्देशों के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए समर्थ पंचायत पोर्टल और ग्राम संपदा ऐप में संपत्ति कर की कार्रवाई 24 घंटे के भीतर शत-प्रतिशत पूरी करें।
निर्देश के मुताबिक राशन कार्डधारी परिवारों को आधार मानकर प्रत्येक कर योग्य परिवार पर न्यूनतम 1200 रुपये वार्षिक कर लगाना अनिवार्य है। इसमें करदाता प्रोफाइल, संपत्ति पंजी, स्वामी से लिंक और मांग तैयार करना शामिल है।
लापरवाही पर वेतन रोके जाने की चेतावनी
पत्र में कहा गया है कि बार-बार निर्देश के बाद भी अधिकांश पंचायतों ने काम पूरा नहीं किया। जिला पंचायत CEO मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जनपद ने चेतावनी दी है कि समय पर काम न करने पर सचिव का वेतन आहरण रोका जाएगा और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

सिंहदेव का हमला: जनता पर आर्थिक कुठाराघात
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महंगाई से परेशान जनता पर प्रशासनिक तंत्र के जरिए एक और आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

सिंहदेव ने सवाल किया, “क्या यह 16वें वित्त आयोग के निर्देश हैं या पीएम मोदी का आदेश? क्या यही पीएम मोदी की गारंटी है कि जनता पर नए-नए कर लादे जाएं?” उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से जनहित में इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
FAQ: ग्राम पंचायत संपत्ति कर विवाद
ग्राम पंचायतों में कितना संपत्ति कर लगेगा?
प्रत्येक करयोग्य परिवार से 1200 रुपये वार्षिक यानी 100 रुपये प्रतिमाह।
यह आदेश किसने जारी किया?
जनपद पंचायत भरतपुर ने 1 जुलाई 2026 को पत्र जारी किया।
कर लगाने का आधार क्या है?
16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देश और राशन कार्डधारी परिवार।
टीएस सिंहदेव ने क्या कहा?
इसे जनता पर आर्थिक कुठाराघात बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की।
काम न करने पर क्या कार्रवाई होगी?
सचिव का वेतन रोका जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


