Chhattisgarh Ka Mausam: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 अगस्त 2026 को देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पहाड़ी राज्य उत्तराखंड और मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की गंभीर चेतावनी दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के अधिकांश मैदानी इलाकों में मानसूनी द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में तेज बदलाव दर्ज किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के चलते यमुना नदी का जलस्तर 204 मीटर के करीब पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
देश भर में बारिश की इस तीव्रता के पीछे एक साथ कई मौसमी प्रणालियों का प्रभाव देखा जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र भले ही धीमा पड़ा हो, लेकिन उससे जुड़ा साक्लोनिक सर्कुलेशन अब उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के इलाकों में स्थापित है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों पर बने ऊपरी हवा के परिसंचरण से बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है। मुख्य मानसूनी द्रोणिका भी इस समय दिल्ली और आसपास के राज्यों से होकर गुजर रही है, जिसके चलते आगामी तीन से चार दिनों तक मानसूनी गतिविधियां थमने के कोई आसार नहीं हैं।
जुलाई की सुस्ती के बाद अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज हुआ मानसून
जुलाई के अंतिम सप्ताह में देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश की गति काफी धीमी पड़ गई थी, जिससे कृषि कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी। हालांकि, अगस्त की शुरुआत से ही बंगाल की खाड़ी में बने बैक-टू-बैक निम्न दबाव के क्षेत्रों और मानसूनी ट्रफ की स्थिति अनुकूल होने के कारण पूरे उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का नया दौर शुरू हो चुका है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जबकि मैदानी इलाकों में भूमिगत जलस्तर और जलाशयों के भंडारण में सुधार दर्ज किया जा रहा है।
जानिए छत्तीसगढ़ का हाल
छत्तीसगढ़ के 26 जिलों में अगले तीन घंटों के भीतर मध्यम से तीव्र अंधड़, गर्जना और बारिश की तात्कालिक चेतावनी (नाउकास्ट) जारी की है। राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं दक्षिणी बस्तर और मैदानी क्षेत्रों के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज हो सकती है। प्रशासन ने आम नागरिकों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूर रहने के निर्देश दिए हैं।
जानिए किन जिलों में अलर्ट
मौसम केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में तेज वज्रपात और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ आने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, राजनांदगांव, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद सहित बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेर में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ गरज-चमक की स्थिति बनेगी।


