jpsc-jssc-student-protest: रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ सोमवार को छात्रों का विधानसभा घेराव करीब दस घंटे तक चला। शाम करीब सात बजे पुलिस ने विधानसभा की चहारदीवारी के बाहर की सड़क को खाली करा दिया।
इस दौरान विधानसभा के गेट नंबर एक के सामने डटे प्रदर्शनकारी छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई छात्र-छात्राएं सड़क पर लेट गए और वहां से हटने से इनकार कर दिया। पुलिस ने उन्हें जबरन हटाया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
विधानसभा के गेट नंबर एक के सामने पिछले नौ दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी आंदोलनकारियों के साथ मौजूद थे। पुलिस उन्हें एंबुलेंस के जरिए प्रदर्शन स्थल से ले गई। महतो नौ दिनों की भूख हड़ताल के बावजूद सोमवार को पहले एंबुलेंस और बाद में स्ट्रेचर के सहारे प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे थे।
सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
आंदोलनकारी छात्रों के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अब यह जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर अब सीधे मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी। छात्रों का कहना है कि जब तक जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार सुबह करीब नौ बजे पुराने विधानसभा परिसर के पास बड़ी संख्या में छात्र जुटने लगे थे। दिनभर प्रदर्शनकारियों ने कई स्तर की बैरिकेडिंग पार की। शाम करीब चार बजे छात्रों ने आखिरी बैरिकेडिंग भी तोड़ दी और बड़ी संख्या में विधानसभा के मुख्य गेट के सामने तथा आसपास की सड़कों पर पहुंच गए।
वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल
प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच कई जगह टकराव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किए जाने की भी खबर सामने आई। घटनाक्रम के दौरान कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है।
डेढ़ किलोमीटर दूर अब भी जुटे छात्र
शाम सात बजे पुलिस ने विधानसभा के सामने की सड़क को खाली करा लिया, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। सैकड़ों छात्र विधानसभा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अलग-अलग समूहों में अब भी मौजूद हैं। छात्र अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा समेत विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।


