Abishek Porel Arrested: भारतीय क्रिकेटर और दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को मंगलवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कलकत्ता हाई कोर्ट के कड़े रुख और गिरफ्तारी के आदेश के बाद मोगरा थाना पुलिस ने सुबह क्रिकेटर को हिरासत में लेकर कई घंटों तक गहन पूछताछ की, जिसके बाद दोपहर में उनकी औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई। यह कार्रवाई एक मेडिकल छात्रा द्वारा शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने, अवैध रूप से बंधक बनाने और निजी पलों का वीडियो रिकॉर्ड करने जैसे संगीन आरोपों के तहत दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर की गई है। गिरफ्तारी के बाद पोरेल का अनिवार्य मेडिकल परीक्षण कराया गया और फिर उन्हें चिनसुराह कोर्ट में पेश किया गया।
हुगली के मोगरा थाने में दर्ज एफआईआर में कुल 19 धाराएं लगाई गई हैं। पीड़िता के अनुसार, मुख्य घटना 2 अप्रैल 2026 को दिल्ली में हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि दोनों परिवारों के बीच शादी की बातचीत चल रही थी, लेकिन पोरेल ने धोखा देते हुए उसे दिल्ली में एक जगह गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाकर रखा और खाना तक नहीं दिया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के कारण उसकी स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह चलने में भी असमर्थ हो गई थी। बाद में पीड़िता को पोरेल के अन्य महिलाओं के साथ रिश्तों का पता चला, जिसके बाद उसने कानूनी रास्ता चुना। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को अभियुक्त के सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने और निजी तस्वीरों का प्रसार रोकने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
क्या है पूरा मामला ?
यह आपराधिक मामला तब सामने आया जब मेडिकल की पढ़ाई कर रही छात्रा ने हुगली पुलिस स्टेशन में शिकायती आवेदन दिया। पीड़िता और क्रिकेटर के बीच पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत पहचान थी और दोनों परिवारों के स्तर पर भी बातचीत का दौर चला था। हालांकि, रिश्ते में कड़वाहट आने और धोखाधड़ी के खुलासे के बाद पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले के तथ्यों पर विचार करते हुए स्थानीय पुलिस को बिना किसी देरी के त्वरित कानूनी कदम उठाने और अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे, जिसके परिपालन में मंगलवार को यह बड़ी कार्रवाई हुई।
पहले पूछताछ फिर गिरफ़्तारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए मंगलवार तड़के पोरेल को पूछताछ के लिए लाया गया था। पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई। मामले की जांच कर रही मोगरा पुलिस टीम का कहना है कि उच्च न्यायालय की हिदायत के मुताबिक पोरेल के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर में दर्ज सभी 19 धाराओं के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे के पूरक तथ्य अदालत के समक्ष रखे जाएंगे।
कैसा रहा करियर?
23 वर्षीय अभिषेक पोरेल घरेलू क्रिकेट में बंगाल टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं और आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के प्रमुख सदस्यों में शामिल रहे हैं। साल 2023 में ऋषभ पंत के विकल्प के रूप में टीम में शामिल हुए पोरेल ने 35 आईपीएल मैचों में 145 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 769 रन बनाए हैं, जिसके चलते 2026 में उन्हें 4 करोड़ रुपये में रिटेन भी किया गया था। फर्स्ट क्लास में उनके नाम 1408 रन दर्ज हैं। इतने गंभीर कानूनी पचड़े में फंसने और गिरफ्तारी के बाद उनके उभरते क्रिकेट करियर पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। बीसीसीआई और आईपीएल फ्रेंचाइजी के आचार संहिता नियमों के तहत इस तरह के आपराधिक मामलों का सामना कर रहे खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का जोखिम भी बना रहता है।


