Parliament Monsoon Session: संसद में भारी हंगामे के बीच लोकसभा से तीन विधेयक बिना चर्चा के पारित, एफसीआरए संशोधन बिल जेपीसी को भेजा गयासंसद के मानसून सत्र के अंतिम दिनों में दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिल रहा है।
विपक्ष के लगातार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच लोकसभा में बिना किसी चर्चा के तीन प्रमुख विधेयक पारित कर दिए गए। इनमें केरल राज्य का नाम बदलने से जुड़ा विधेयक और सहकारिता क्षेत्र से संबंधित विधेयक शामिल हैं। विपक्षी दल छात्र प्रदर्शनों और अन्य समसामयिक मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से वक्तव्य देने की मांग को लेकर सदन में हंगामा कर रहे हैं।
एफसीआरए संशोधन विधेयक जेपीसी के पास भेजा गया
लोकसभा में हंगामे के बीच विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA Amendment Bill), 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश इस विधेयक का उद्देश्य देश में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और विदेशों से मिलने वाली धनराशि पर सरकारी निगरानी को और सख्त बनाना है।
प्रस्तावित कानून के तहत यदि किसी संगठन का एफसीआरए लाइसेंस रद्द होता है, तो उसकी संपत्ति और विदेश से प्राप्त धनराशि सरकार द्वारा नियुक्त नामित प्राधिकारी के नियंत्रण में आ जाएगी।
विपक्ष ने की वापस लेने की मांग
विधेयक को जेपीसी के पास भेजे जाने पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल एनजीओ और अल्पसंख्यक संगठनों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए।
इस पर पलटवार करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि एफसीआरए विधेयक किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष खुद लंबे समय से इसे जेपीसी के पास भेजने की मांग कर रहा था, इसलिए अब उन्हें इस फैसले से खुश होना चाहिए।
FAQ
प्रश्न 1: लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच कितने विधेयक बिना चर्चा के पारित किए गए?
उत्तर: लोकसभा में विपक्षी हंगामे के बीच तीन विधेयक बिना किसी चर्चा के पारित किए गए।
प्रश्न 2: विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को कहां भेजा गया है?
उत्तर: इस विधेयक को विस्तृत विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया है।
प्रश्न 3: एफसीआरए संशोधन विधेयक में संपत्तियों को लेकर क्या प्रमुख प्रावधान है?
उत्तर: लाइसेंस रद्द या समाप्त होने पर संगठन की विदेशी निधि और उससे बनी पूरी संपत्ति सरकार द्वारा नियुक्त नामित प्राधिकरण के नियंत्रण में चली जाएगी।
प्रश्न 4: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों पर क्या सफाई दी?
उत्तर: उन्होंने स्पष्ट किया कि एफसीआरए विधेयक किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ नहीं है और इसे जेपीसी के पास भेजने की विपक्ष की पुरानी मांग पूरी की गई है।
प्रश्न 5: राज्यसभा में किस विधेयक पर चर्चा चल रही थी?
उत्तर: राज्यसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा चल रही थी, जिसे लोकसभा पहले ही पारित कर चुकी है।


