Shani Revati Nakshatra Gochar: ज्योतिषीय गणना के अनुसार 20 अगस्त 2026 को शनि देव नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। इस दिन शनि बुध के आधिपत्य वाले रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे। शनि 9 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के इस बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा। मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को इस दौरान आर्थिक मामलों, करियर और मानसिक तनाव को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
20 अगस्त को शनि करेंगे नक्षत्र परिवर्तन
वैदिक ज्योतिष में शनि को न्याय का देवता और कर्मफलदाता माना जाता है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में बदलाव का प्रभाव राशियों पर पड़ने की मान्यता है। इसी क्रम में 20 अगस्त को शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे और 9 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में स्थित रहेंगे।
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक शनि के इस नक्षत्र गोचर का प्रभाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है। खास तौर पर तीन राशियों को इस अवधि में आर्थिक और करियर से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मेष राशि
शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश मेष राशि के जातकों के लिए कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। मेहनत के बावजूद मनमुताबिक परिणाम मिलने में रुकावट आ सकती है।
आर्थिक मामलों में भी सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। अचानक बड़े खर्च सामने आ सकते हैं। पारिवारिक जीवन में किसी बात को लेकर मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में धैर्य से काम लेने की सलाह दी जाती है।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए 20 अगस्त के बाद का समय संघर्षपूर्ण रह सकता है। नौकरी या कारोबार में उच्च अधिकारियों अथवा सहकर्मियों के साथ अनबन की स्थिति बन सकती है।
इस अवधि में नया निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है। पैसों के लेन-देन में पारदर्शिता रखें। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए सेहत का ध्यान रखना जरूरी बताया गया है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी गई है। बनते हुए कामों में अड़चनें आ सकती हैं। विरोधियों से भी सावधान रहने की जरूरत बताई गई है।
कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों से जुड़े विवादों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह है। गलत निर्णय से आर्थिक नुकसान होने की स्थिति बन सकती है।
शनि के प्रभाव से बचने के बताए गए उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं।
- हर शनिवार शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- गरीब और जरूरतमंद लोगों को काले वस्त्र, जूते या अन्न का दान करें।
- भगवान शिव की पूजा करें और शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें।
- “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का नियमित जाप करें।
नोट: यह खबर ज्योतिषीय मान्यताओं और दी गई जानकारी पर आधारित है। इसे धार्मिक/ज्योतिषीय विश्वास के रूप में ही देखें।
5 FAQs
1. शनि 2026 में नक्षत्र परिवर्तन कब करेंगे?
20 अगस्त 2026 को शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे।2. शनि रेवती नक्षत्र में कब तक रहेंगे?
दी गई जानकारी के अनुसार शनि 9 अक्टूबर 2026 तक रेवती नक्षत्र में रहेंगे।3. किन राशियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है?
मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।4. मेष राशि पर शनि के नक्षत्र परिवर्तन का क्या असर बताया गया है?
कार्यक्षेत्र में रुकावट, अचानक खर्च और पारिवारिक मानसिक तनाव की स्थिति बनने की बात कही गई है।5. शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए क्या उपाय बताए गए हैं?
शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाने, जरूरतमंदों को दान देने, भगवान शिव की पूजा करने और शनि मंत्र का जाप करने के उपाय बताए गए हैं।


