नसबंदी कराने जशपुर पहुंची 50 महिलाओं ने देर रात कर दिया कलेक्टर बंगले का घेराव, 12 घंटे से ज्यादा भूखे-प्यासे रहने के बाद भी नहीं पहुंचे डॉक्टर्स

नसबंदी कराने जशपुर पहुंची 50 महिलाओं ने देर रात कर दिया कलेक्टर बंगले का घेराव
नसबंदी कराने जशपुर पहुंची 50 महिलाओं ने देर रात कर दिया कलेक्टर बंगले का घेराव

टीआरपी डेस्क। छत्‍तीसगढ़ के जशपुर में सोमवार देर रात 50 से अधिक महिलाओं ने कलेक्टर बंगले का घेराव कर दिया। महिलाएं दिन भर भूखी प्यासी जिला अस्पताल में नसबन्दी के इंतजार में बैठी रहीं, लेकिन सुबह से रात हो जाने के बावजूद जब इन महिलाओं की नसबंदी नहीं हुई। जिससे नाराज होकर महिलाओं ने कलेक्टर बंगले का घेराव कर दिया। इन महिलाओं में से कुछ महिलाएं धान और चावल बेचकर गाड़ी किराया देकर नसबंदी कराने पत्थलगांव से 100 किलोमीटर दूर जशपुर पहुंची थीं।

दरअसल, जिला चिकित्सालय में नसबंदी शिविर होता है और सोमवार के शिविर में सिर्फ पत्थलगांव की महिलाओं की नसबंदी होती है। पत्थलगांव से लगभग 50 की संख्या में महिलाएं जिला चिकित्सालय पहुंची लेकिन सुबह से लेकर शाम तक कोई भी डॉक्टर इनकी नसबंदी करने नहीं आया। इनमें से कई महिलाएं गरीब तबके की थीं जो कल रात से ही पत्थलगांव से निकलीं थीं और आज सुबह 6 बजे से जिला चिकित्सालय में भूखे प्यासे अपनी नसबंदी का इंतजार कर रही थीं।

सुबह से लेकर शाम 7 बजे तक नसबंदी करने वाली डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचीं। इस दौरान नसबंदी कराने आई महिलाएं समेत अस्पताल के स्टॉप ने कई बार ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों को कॉल किया, लेकिन कोई भी डॉक्टर नसबंदी करने नहीं पहुंचा, जिसके बाद नाराज महिलाओं ने देर रात कलेक्टर बंगले पहुंचकर बंगले का घेराव कर दिया। घेराव की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।

सीएमएचओ की समझाइश के बाद महिलाएं वापिस अस्पताल पहुंची, जहां देर रात महिलाओं का ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान समाजसेवियों ने भूखी प्यासी महिलाओं के रहने और खाने का इंतजाम किया। वहीं सीएमएचओ डॉ पी. सुथार ने इस घटना को स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के ईगो और आपसी मतभेद का नतीजा बताते हुए नोटिस जारी करने की बात कहीं है।

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