शासन की मंजूरी के बिना बोर्ड चेयरमैन ने रिटायर्ड पीसीसीएफ राव को बना दिया वनौषधि बोर्ड का सलाहकार!,पहले से चल रही है तीन विभागीय जांच

रायपुर। राज्य वनौषधि बोर्ड के चेयरमैन ने शासन की अनुमति के बिना ही अपने स्तर पर रिटायर्ड पीसीसीएफ जेएसीएस राव को सलाहकार नियुक्त कर दिया। बता दें कि राव 30 जून को ही रिटायर हुए हैं। आईएफएस के 87 बैच के अफसर जेएसीएस राव की बोर्ड में सलाहकार की नियुक्ति के लिए न तो संचालक मंडल और ना ही राज्य शासन की अनुमति नहीं ली गई।

बताया गया कि वनौषधि बोर्ड के चेयरमैन बालकृष्ण पाठक की अनुशंसा पर बोर्ड के प्रभारी सीईओ आरसी दुग्गा ने सीधे नियुक्ति आदेश जारी कर दिए। राव बोर्ड के सीईओ थे और यह पद एडिशनल पीसीसीएफ स्तर का पद है। उन्हें रिटायरमेंट के एक दिन पहले ही पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नति दी गई थी।

रिटायरमेंट के बाद उन्हें संविदा पर नियुक्त करने के लिए फाइल शासन को भेजी गई थी, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। इसी बीच 9 जुलाई को उन्हें बोर्ड में सलाहकार नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए गए।

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नियुक्ति आदेश में उल्लेखित है कि जेएसीएस राव रिटायर्ड पीसीसीएफ को उनके वानिकी कार्य अनुभव तथा औषधि एवं सुंगधित पौधों के विशिष्ट ज्ञान के आधार पर औषधि पादप बोर्ड की औषधीय पादपों के संरक्षण, संवर्धन, विकास औषधि पौधों के कृषिकरण और प्रचलित योजनाओं एवं अन्य विषयों पर परामर्श के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया है।

पहले से चल रही है तीन विभागीय जांच

नियुक्ति आदेश में यह भी उल्लेखित है कि आदेश पूरी तरह अस्थाई है। पारिश्रमिक, नियम, और शर्ते पृथक से जारी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जेएसीएस राव के खिलाफ तीन विभागीय जांच चल रहे थे। जिसे पिछली सरकार ने खत्म कर दिया था। इससे परे हार्टीकल्चर में रहते उनके खिलाफ कई तरह की शिकायतें रही हैं। बावजूद इसके वे पदोन्नत होते रहे और अब सलाहकार भी बन गए।

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