जानें क्या है बृहस्पत का विवाद कनेक्शन.... आखिर किसकी शह पर देते हैं ये विवादों को जन्म

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज से विधायक बने बृहस्पत सिंह इन दिनों काफी विवादों में छाए हुए हैं। अब उन्होंने सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी समाज को अंगूठा छाप कह दिया है। उनके मीडिया में दिए गए उनके इस बयान से आदिवासी समाज ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा और सर्व आदिवासी समाज ने उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने 48 घंटे के अंदर आदिवासी समाज से माफी न मांगने की सूरत पर उनके खिलाफ सरगुजा संभाग में उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की बात की है।

मीडिया में हर बार बयानों के चलते वे सुर्खियों में तो बनें रहते हैं मगर सवाल यह है कि पार्टी में आखिर विधायक किसकी शह पर इसतरह विवादास्पद बयान देते रहते हैं। क्या यह चर्चा में बने रहने का कोई पैतरा है या कुछ और… आखिर इस तरह के विवादों को रोकने के लिए पार्टी किसी प्रकार का सख्त कदम क्यों नहीं उठाती? विधायक पार्टी का जिम्मेदार नेता नेता होता है। उनका वास्ता जनसरोकार से होता है। उनके इस तरह के विवादित बयान पार्टी की छवि को ही नुकसान पहुंचाते हैं।

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विवादों से है पुराना नाता

सितंबर 2019-

बृहस्पति सिंह ने बलरामपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि, “किसानों ने लोन नहीं लिया है, लेकिन बैंक अधिकारियों ने धोखे से हस्ताक्षर करवा लिया है और अब नोटिस भेज रहे हैं…ये बहुत गंभीर बात है…मैने मुख्यमंत्री साहब से बात की है, कलेक्टर से बात की है…मेरा आपसे आग्रह है कि जो अधिकारी गड़बड़ करता है, किसानों को धोखा देता है…जो अन्नदाता हमारा-आपका पेट भरने का काम करता है…उसके साथ कोई अधिकारी अगर गड़बड़ करेगा तो किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” विधायक ने आगे कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जांच होनी चाहिए और उन्हें हर हालत में जेल भेजा जाना चाहिए। विधायक ने आगे कहा, “ऐसे अधिकारियों को जूता मारना पड़े तो मारो।

जनवरी 2021-

जनवरी 2021 का ही है.जिले में रामचंद्र पुर विकासखंड के रामपुर गांव में सेंदुर नदी के किनारे गणेश महायज्ञ का आयोजन किया गया था. जो पूरे नौ दिनों तक चला था और इस महायज्ञ में राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम भी सपरिवार शामिल हुए थे. उन्होंने यज्ञ में हवन भी किये थे. जिसके बाद कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने एक कार्यक्रम दौरान मीडिया से बात करते हुए यह आरोप लगाया था कि उनको मरवाने के लिए रामविचार नेताम ने यज्ञ का आयोजन करवाया है. और मिर्ची का हवन कर सात बकरों की बली भी दी गई है. विधायक ने यह भी आरोप लगाया था कि रामविचार नेताम मेरे मरने के बाद क्षेत्र से चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बनने के लिए यज्ञ करवा रहे हैं. 

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जुलाई 2021-

राजधानी रायपुर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनसे (स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव) मुझे जान का खतरा है. मुझ पर हमले के पीछे उन्हीं का हाथ है. वो मेरी हत्या करा सकते हैं. बृहस्पति ने कहा कि मेरी हत्या कराने से यदि वे मुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो उन्हें यह पद मुबारक हो.

वर्तमान विवाद

विधायक बृहस्पत सिंह से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर लगाए गए आरोपों को लेकर जब पत्रकार ने सवाल किया था। इसके बाद वे भड़क गए। कहा, आप पत्रकार हैं, बुद्धिजीवी है, पढ़े-लिखे हैं। हमारे सरगुजा के अंगूठा छाप आदिवासियों की तरह प्रश्न पूछना उचित नहीं समझता हूं। विधायक ने कहा, उनके काफिले पर हुए हमले के बाद FIR कराने, आरोप लगाने और सदन में आए बयान को सभी ने देखा-सुना है। ऐसे में यह प्रश्न मैं उचित नहीं समझता हूं। कहा कि अगर आपको किसी ने सिखाकर भेजा है तो अपने दिमागी हालत थोड़ी ठीक कर लीजिए, फिर प्रश्न करिए।

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राज्यसभा सदस्य पर आरोपों की झड़ी

राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम ने भी उनपर दिए गए बयान पर सार्वजनिक मांफी मांगने की मांग की है। उनके इनता कहने पर एकबार फिर बलरामपुर विधायक ने राज्यसभा सदस्य पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने दोटूक कहा कि उनसे माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने सांसद पर हथियार खरीदने के लिए नक्सलियों को फंडिंग करने, अपने गांव के पटवारी को बलपूर्वक पेशाब पिलाने जैसे आरोप लगाते हुए कहा उनसे भला मैं क्यों माफी मांगने चला।

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