कोलकाता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शारदा चिटफंड केस में कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार (Former commissioner Rajiv Kumar) की तलाश में उनके 5 ठिकानों पर छापेमारी की है। राजीव कुमार को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है।

एक टीम लोकेशन की तरफ रवाना हुई है तो दूसरी टीम राजीव कुमार के कोलकाता स्थित 34, पार्क स्ट्रीट आवास पर डटी हुई है। राजीव कुमार की किसी भी वक्त गिरफ्तारी हो सकती है। कुमार से जुड़े 5 ठिकानों पर सीबीआई (CBI) टीम छापेमारी कर रही है।

राजीव के ठिकाने का पता लगाने एक विशेष टीम का गठन

पूर्व पुलिस आयुक्त का पता लगाने के लिए एजेंसी के मुख्यालय दिल्ली से 14 अधिकारियों ने बुधवार को कोलकाता के लिए उड़ान भरी। अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार के ठिकाने का पता लगाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। सूत्रों के मुताबिक, “तीन समन के बाद भी राजीव कुमार पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हो रहे हैं, उनका पता लगाने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है।”

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राजीव कुमार के वकील को पत्र भी लिखा

सीबीआई (CBI) ने राजीव कुमार के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पाने के लिए अदालत से भी संपर्क किया है। सीबीआई (CBI) के शीर्ष सूत्रों के अनुसार ‘पश्चिम बंगाल के डीजीपी को पत्र लिखने के बाद, हमने राजीव कुमार के वकील को पत्र भी लिखा और उन्हें कुमार को जांच में शामिल होने का निर्देश देने के लिए कहा है। वे आज तक सामने नहीं आए हैं और अब हमारे पास उसके खिलाफ सख्त कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’

यदि राजीव कुमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाता है, तो यह न केवल वरिष्ठ अधिकारी के लिए बल्कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए भी बड़ी शर्मिंदगी के रूप में देखा जाएगा। माना जाता है कि राजीव कुमार ममता के काफी करीबी हैं और जब सीबीआई ने कुमार को पहली बार पूछताछ के लिए बुलाया था, तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सीबीआई और मोदी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गई थीं।

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