फिर से पैर पसार रहा कोरोना, 4 माह बाद प्रदेश में स्कूली छात्रा की हुई मौत, कल ही रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

नई दिल्ली। Corona Death Compensation: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद केंद्र सरकार ने जवाब दाखिल करते हुए कहा है कि देश में कोरोना से हुई हर मौत के मामले में परिजनों को 50 हजार का मुआवजा मिलेगा।

साथ ही कहा गया है कि ये रकम राज्य यानी स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड की तरफ से दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनडीएमए ने मुआवजे को लेकर गाइडलाइंस बनाई है। बता दें कि देश में अब तक कोरोना से 3.98 लाख लोग जान गंवा चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद सरकार का फैसला

विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के सामने सरकार ने कहा था कि वो हर मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा नहीं दे सकती है। सरकार की इस दलील से सुप्रीम कोर्ट ने भी सहमति जताई। साथ ही कहा कि वो खुद ही ऐसा तंत्र बनाए जिससे मृतक के परिजनों को सम्मानजनक रकम जरूर मिले।

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सुप्रीम कोर्ट ने मानी थी केंद्र की दलील

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर अपने हलफनामे में कहा था कि आपदा कानून के दायरे में भूकंप, बाढ़ जैसी 12 तरह की प्राकृतिक आपदाएं आती हैं। इन आपदाओं में किसी की मौत पर राज्य आपदा राहत कोष से 4 लाख रुपए का मुआवजा सुनिश्चित है, लेकिन कोरोना महामारी उससे अलग है।

तब सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार की यह दलील स्वीकार की थी। उसने कहा था कि कोविड मृतकों के परिजनों को कितनी रकम दी जाए, यह रकम सरकार खुद तय कर ले, लेकिन मुआवजा जरूर दें।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।