CSIDC की आपत्ति के बाद स्वच्छ भारत मिशन को टेंडर कारण पड़ा कैंसिल, अब अधिकृत कंपनियों से ही खरीदनी पड़ेगी स्वच्छता सामग्रियां
CSIDC की आपत्ति के बाद स्वच्छ भारत मिशन को टेंडर कारण पड़ा कैंसिल, अब अधिकृत कंपनियों से ही खरीदनी पड़ेगी स्वच्छता सामग्रियां

रायपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण स्वच्छता मिशन छत्तीसगढ़ द्वारा पंचायतो में स्वच्छता सामग्रियों की खरीदी के लिए एजेंसियों की नियुक्ति का टेंडर निकला गया, लेकिन जब CSIDC को इसकी जानकारी हुई तो उसने आपत्ति जताते हुए मिशन को पत्र लिखा, जिसके बाद इस टेंडर को कैंसिल करना पड़ा।

गड़बड़ी को रोकने किया गया था टेंडर

ग्रामीण स्वच्छता मिशन द्वारा बड़े पंचायतों को हर वर्ष स्वच्छता सामग्रियों की खरीदी के लिए फंड मुहैया कराया जाता है। बीते कई वर्षों से यह क्रम जारी था। खरीदी प्रक्रिया का परीक्षण करने पर पाया गया कि या तो जनपदों द्वारा किसी भी फर्म को अधिकृत करके पचायतों से खरीदी करा दी गई, या फिर पंचायतो द्वारा सीधे खरीदी की गई। वहीं एक ही सामग्री की खरीदी अलग-अलग कीमतों पर की गई। ऐसा करके बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ी की गई।
खरीदी की इस प्रक्रिया में एकरूपता के लिए ग्रामीण स्वच्छता मिशन ने एक टेंडर निकाला जिसमें स्वच्छता से जुडी सामग्रियों के उत्पादकों से कीमत के साथ निविदा मंगाई गयी। इसमें दर्शाया गया था कि पूरे प्रदेश में ग्रामीण स्वच्छता मिशन के लिए लगभग 100 करोड़ की सामग्रियों की खरीदी की जाती है, जिसके लिए फर्मों का चयन किया जाना है। कोरोना काल में यह टेंडर दो से तीन बार निकाला गया और छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों की कंपनियों ने भी इस हिस्सा लिया।

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CSIDC को करना पड़ा हस्तक्षेप

छत्तीसगढ़ राज्य औद्यौगिक विकास निगम CSIDC को किसी फर्म द्वारा लिखित में यह शिकायत की गई कि स्वच्छता मिशन के अंतर्गत आने वाली सामग्रियों की खरीदी के लिए CSIDC ने कंपनियों से रेट कॉन्ट्रेक्ट कर रखा है, बावजूद इसके ग्रामीण स्वच्छता मिशन द्वारा इसका टेंडर निकाला गया है। CSIDC के महाप्रबंधक एस सी भगत ने बताया कि तथ्यों की जानकारी लेने के बाद ग्रामीण स्वच्छता मिशन को पत्र लिखकर बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन की सामग्रियां CSIDC के E – MANAK में उपलब्ध हैं, इसलिए इसकी खरीदी के लिए निकाला गया टेंडर कैंसल किया जाये, क्योंकि भंडार क्रय नियम के तहत ऐसा करना गलत है। इसके बाद ग्रामीण स्वच्छता मिशन ने अपना टेंडर निरस्त कर दिया।

जैम से खरीदी पूरी तरह प्रतिबंधित

प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने शुरुआत में ही यह घोषणा कर दी थी कि भंडार क्रय नियम में फेरबदल के बाद जैम पोर्टल के माध्यम से सामग्रियों की खरीदी बंद कर दी जाएगी। नए नियम के तैयार होने तक यह निर्देश था कि जो सामग्रियां CSIDC के E – MANAK पोर्टल मेँ नहीं हैं, उसकी खरीदी जैम पोर्टल से की जा सकती है, मगर अब संशोधन के साथ ही भंडार क्रय नियम लागू हो गया है। इसके बाद CSIDC के पास जिन सामग्रियों का रेट कॉन्ट्रेक्ट नहीं है, उसकी खरीदी अगर किसी भी सरकारी विभाग को करनी है तो जैम पोर्टल से खरीदी करने की बजाय उसे ओपन टेंडर निकलना होगा।

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इसके अलावा अगर केंद्र प्रवर्तित योजना के तहत जारी फंड से कोई सामग्री खरीदनी है, और उसके दिशानिर्देश में जैम से खरीदी का निर्देश हो तो ऐसा किया जा सकता है।
CSIDC ने ग्रामीण स्वच्छता मिशन के अलावा बीज निगम को भी पत्र लिखकर POLY HOUSE और GREEN HOUSE की दूसरी एजेंसियो आपूर्ति किये जाने पर आपत्ति जताई थी। दरअसल इनका भी रेट कॉन्ट्रेक्ट भी CSIDC ने कर रखा है। ऐसे में भंडार क्रय नियम के तहत इसके लिए अधिकृत एजेंसी से ही POLY HOUSE और GREEN HOUSE की आपूर्ति कराई जा सकती है।