नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार क्रूड आयल में लगी आग की चपेट में आ गए। इसके चलते सोमवार कोप्रमुख सूचकांक बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतों में जबर्दस्त उछाल आया है। सोमवारको तेल की कीमत 3 फीसदी चढ़ गई। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी तेल विदेश से खरीदता है।
क्यों फिसला रुपया:
क्रूड में उछाल की वजह ईरान पर अमेरिका की संभावित सख्ती है। वह अगले महीने के पहले हफ्ते में ईरानसे क्रूड के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का ऐलान कर सकता है।अभी उसने भारत समेत आठ मुल्कों को कुछ शर्तों के साथ ईरान से क्रूड के आयात की इजाजत दे रखी है।वह इस छूट को खत्म कर सकता है। इस खबर ने बाजार पर दबाव बनाया है। क्रूड में उछाल से डॉलर केमुकाबले रुपया भी काफी फिसल गया है। बीएसई सेंसेक्स 495 अंक या 1. 26 फीसदी का गोता लगाकर 38,645 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं,
निफ्टी 50 इंडेक्स 158 अंक या 1. 35 फीसदी लुढ़क कर 11,584 अंक पर पहुंच गया। बीएसई मिडकैपऔर स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी डेढ़ फीसदी तक की गिरावट दर्ज की।
गिरावट वाले शेयर:
निफ्टी 50 इंडेक्स पर इंडिया बुल्स, हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में 9 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज कीगई। इसके बाद यश बैंक, इंडसइंड बैंक,भारत पेट्रोलियम, इंडियन आॅयल, हिंडाल्को, रिलायंस इंडस्ट्रीज,आयशर मोटर्स और भारती इंफ्रेट के शेयर सबसे ज्यादा टूटे।
इन शेयर्स में दिखाई दी तेजी:
दूसरी तरफ,भारती एयरटेल के शेयरों ने 1.5 फीसदी तक की तेजी दिखाई। इसके अलावा इंडेक्स पर सिर्फविप्रो,टेक महेंद्रा, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विस, एनटीपीसी, कोल इंडिया,यूपीएल, पॉवरग्रिड और ब्रिटानियाइंडस्ट्रीज के शेयरों में ही तेजी दर्ज की गई। सोमवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स के अलावा सभी सेक्टर के इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। रियल्टी, निजी बैंकऔर सरकारी बैंक इंडेक्स दो-दो फीसदी से अधिक कमजोर पड़े। मेटल, वित्त सेवा और आॅटो इंडेक्स भी पौने
दो फीसदी तक टूटे।
रियल एस्टेट के शेयर फिसले:
रियल्टी इंडेक्स पर इंडियाबुल्स रीयल एस्टेट के अलावा सभी शेयर फिसले। सभी आॅटो और सरकारी बैंकों नेनिराश किया। जम्मू-कश्मीर बैंक 6 फीसदी टूटा। निजी बैंकों में सिर्फ दो बैंक तेजी दर्ज कर सके। मेटल इंडेक्सपर सिर्फ कोल इंडिया और वित्त सेवा इंडेक्स पर केवल आईसीआईसीआई प्रू लाइफ के शेयर चढ़े।
कैसा रहा बाजार का हाल:
सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान एनएसई की 14 कंपनियों के शेयरों ने ही अपने 52 सप्ताह का उच्चतम स्तरहासिल किया। इसके उलट 58 कंपनियों के शेयर अपने 52 सप्ताह के न्यूनतम स्तर तक भी फिसले।निफ्टी 50 इंडेक्स पर केवल 10 ही शेयर हरे, जबकि 40 शेयर लाल निशान के साथ बंद हुए। बीएसई पर 741शेयरों ने मजबूती के साथ और 1,764 शेयरों ने कमजोरी के साथ सत्र का अंत किया।
Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube पर हमें subscribe करें।