नई दिल्ली। आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (COSC) के चेयरमैन का पद संभाल लिया है। उन्हें देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन इस बीच बुधवार को उन्हें COSC का पद सौंप दिया गया।

तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी वाली कमेटी के चेयरमैन की यह पोस्ट देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत के 8 दिसंबर को हेलिकॉप्टर क्रैश में असामयिक निधन के बाद से खाली पड़ी थी।

अब CDS बनने का दावा मजबूत

सूत्रों ने यह भी कहा कि नए CDS को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। लेकिन जनरल नरवणे को तीनों सेनाओं के प्रमुखों में सबसे सीनियर होने के कारण COSC चेयरमैन बनाया गया है और इससे उनका अगला CDS बनने का दावा और ज्यादा मजबूत हो गया है।

IAF प्रमुख एयरचीफ मार्शल वीआर चौधरी ने 30 सितंबर को, जबकि नेवी चीफ एडमिरल आर. हरी कुमार ने अपना पद 30 नवंबर को संभाला था। इसके उलट जनरल नरवणे को सेना प्रमुख बने करीब दो साल का वक्त हो चुका है। 61 वर्षीय जनरल नरवणे ने जनरल बिपिन रावत के रिटायरमेंट और देश के पहले CDS के तौर पर प्रमोशन के बाद 31 दिसंबर, 2019 को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) यानी सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली थी।

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क्या है COSC और कैसे नियुक्त होता है चेयरमैन

COSC तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी वाली कमेटी है, जो तीनों सेनाओं के बीच अभियानों व अन्य मुद्दों को लेकर कोऑर्डिनेशन बनाए रखने का काम करती है। जनरल नरवणे को उसी पुरानी परंपरा के तहत COSC चेयरमैन बनाया गया है, जो CDS का पद बनाए जाने से पहले लागू थी। इस परंपरा के तहत तीनों सेनाओं के प्रमुखों में से सबसे सीनियर अधिकारी को COSC चेयरमैन नियुक्त किया जाता था।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।