राहुल बजाज

टीआरपी डेस्क। बजाज ग्रुप के मानद चेयरमैन राहुल बजाज अब हमारे बीच नहीं है। पर क्या आप जानते हैं कि वो स्वतंत्रता सेनानी जमनालाल बजाज के पोते हैं जिन्हें महात्मा गांधी अपने बेटे जैसा मानते थे।

जमनालाल बजाज ने 1926 में बजाज समूह की स्थापना की और बाद में उनके बेटे कमलनयन बजाज ने समूह के कारोबार को आगे बढ़ाया। जमनालाल बजाज स्वतंत्रता सेनानी थे और महात्मा गांधी के वर्धा आश्रम के लिए उन्होंने अपनी जमीन भी दान दी थी। उनके देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से घनिष्ठ संबंध थे।

पंडित नेहरू ने रखा ‘राहुल’ नाम

कमलनयन बजाज और सावित्री बजाज को जब 10 जून 1938 में बेटा हुआ, तो इसकी सूचना जवाहर लाल नेहरू को दी गई। उन्होंने बेटे का नाम राहुल बजाज रख दिया। जी हां वो पंडित नेहरु ही थे जिन्होंने जमनालाल बजाज के नाती का नाम राहुल रखा था। बता दें कि पंडित नेहरु ने यह नाम अपने बड़े नाती के लिए सोच रक्खा था। (पंडित नेहरु के नाती कुछ वर्ष बाद जन्मे जिनका नाम राजीव रखा गया। किस्मत देखिये राहुल बजाज ने अपने बड़े बेटे का नाम राजीव रखा तो राजीव गाँधी ने अपने बेटे का नाम राहुल)

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राहुल ने इसलिए रखा बेटे का नाम राजीव

समय रहते राहुल बढ़े हुए और जब उन्हें बेटा हुआ तो उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार के बीच हुई इस नाम की अदल-बदल को बरकरार रखा और अपने बेटे का नाम राजीव रख दिया। बाद में जब राजीव गांधी को बेटा हुआ तो उन्होंने इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए अपने बेटे का नाम राहुल गांधी रखा। राहुल बजाज ने अपने दूसरे बेटे का नाम भी संजय गांधी से मिलता-जुलता संजीव बजाज रखा था।

आपको बता दें कि राहुल बजाज को सन 2001 में भारत सरकार ने उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। ये महाराष्ट्र से हैं। वर्ष 1938 में जन्मे राहुल राज्य सभा के सदस्य और देश की दिग्गज दोपहिया कंपनी बजाज ऑटो के चेयरमैन थे। राहुल बजाज को ‘नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ नामक फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजा गया है। 12 फरवरी 2022 को मुंबई में निधन हो गया।

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भारत सरकार ने सन 2001 में राहुल बजाज को तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया किया था। सन 2008 में उन्होंने बजाज ऑटो को तीन अलग अलग कंपनी- बजाज ऑटो, फाइनेंस कम्पनी-बजाज फिनसर्व और एक होल्डिंग कंपनी में विभाजित कर दिया था। उनके दो बेटे राजीव बजाज और संजीव बजाज कंपनियों को सम्हाल रहे हैं ।

राहुल बजाज ने अपनी पढाई हार्वर्ड बिजनेस स्कूल अमरीका, सेंट स्टीफन कालेज दिल्ली, गवर्नमेंट लॉ कालेज मुंबई और केथेड्रल एंड जोन कोनन स्कूल से की। राहुल ने बजाज ग्रुप की कमान सन 1965 में सम्हाली और सन 2005 में उन्होंने अपने बेटे राजीव को बजाज ग्रुप का मेनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया। राहुल बजाज सन 2006 से 2010 तक राज्य सभा सदस्य भी रहे। फ़ोर्ब्स मैगज़ीन की 2016 लिस्ट के अनुसार दुनिया के अरबपतियों के क्रम में राहुल 722 वें स्थान पर थे और उनकी कुल संपत्ति 2.4 बिलियन डॉलर आंकी गई थी।

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राहुल व्यापारियों की संस्था CII के दो बार अध्यक्ष भी रहे। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए 2017 में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें CII प्रेसिडेंट लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया था। राहुल ने अप्रैल 2021 में बजाज ऑटो के गैर कार्यकारी चेयरमैन के पद से त्यागपत्र दे दिया था हालाँकि वो कम्पनी के चेयरमैन एमेरिटस बने रहे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।