बर्खास्त

बलौदाबाजार। धान खरीदी केंद्रों में व्याप्त भर्राशाही को रोकने के तमाम उपाय सरकार ने किये हैं, मगर गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी कड़ी में बलौदाबाजार जिले में एक मामला प्रकाश में आने के बाद कलेक्टर रजत बंसल ने धान के परिवहन संबंधी गड़बड़ी करनेवालों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मोटे की बजाय सरना धान दिया राइस मिलर को

दरअसल सिमगा विकासखंड अंतर्गत धान खरीदी केंद्र शिकारी केशली में परिवहन संबंधित अनियमितता की शिकायत मिली थी, उप पंजीयक, सहकारी संस्था सुरेन्द्र गौड़ ने बताया कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. शिकारी केशली के धान खरीदी केंद्र में अनियमितता की जांच सहकारिता विस्तार अधिकारी, विकासखंड सिमगा एवं शाखा पर्यवेक्षक, शाखा भटभेरा द्वारा संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।

निरीक्षण प्रतिवेदन के संक्षिप्त निष्कर्ष के अनुसार धान खरीदी में 23 नवंबर को “राहुल राईस मिल, खोखली’ को डी.ओ. के आधार पर मोटा धान 180.00 क्विंटल (450 कट्टा धान) के बदले नियम विरुद्ध तरीके से सरना धान 180 क्विंटल (450 कट्टा धान) गाड़ी क्र.सीजी 04 जेसी 3723 में धान खरीदी प्रभारी शंकरलाल वर्मा के निर्देशानुसार हमाल समूहों के द्वारा लोडिंग किया गया। इसी धान खरीदी केन्द्र में 22 नवम्बर को उपार्जन केन्द्र शिकारी केशली में कृषकों का मोटा किस्म के धान को धान खरीदी नीति एवं नियम के विपरित सरना धान 180 क्विंटल (450 कट्टा धान) राइस मिलर की गाड़ी में लोड करवाया गया।

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केंद्र प्रभारी और ऑपरेटर मिले दोषी

धान खरीदी केन्द्र शिकारी केशली में कृषकों का मोटा किस्म धान को धान खरीदी नीति एवं नियम के विपरित सरना किस्म की धान में लेखा एवं ऑनलाईन प्रविष्टि करने के लिए धान खरीदी केन्द्र प्रभारी शंकरलाल वर्मा एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर भरत वर्मा को संयुक्त रूप से जिम्मेदार होने का लेख कर दोनों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की गई।

उप पंजीयक द्वारा जांच प्रतिवेदन के आधार पर शिकारी केशली में अनियमिताओं के दोषी कर्मचारी खरीदी प्रभारी शंकरलाल वर्मा एवं कंप्यूटर आपरेटर भरत वर्मा को धान खरीदी कार्य से पृथक करते हुए उनकी बर्खास्ती की अनुशंसा कलेक्टर के समक्ष की गई है। कलेक्टर रजत बंसल ने भी अनुशंसा के अनुरूप कार्रवाई का निर्देश जारी करते हुए धान खरीदी केंद्रों का संचालन करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है, और कहा है कि गड़बड़ी पाए जाने पर इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह की जाती है गड़बड़ी

धान खरीदी केंद्र में किस तरह गड़बड़ी की जाती है आप उसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते। दरअसल कई किसान पतला (सरना) धान लेकर आते हैं, मगर रिकॉर्ड में उनके धान को मोटा होने का उल्लेख कर दिया जाता है। जबकि मोटा और पतला धान की कीमत में 20 रूपये का अंतर होता है। खरीदी केंद्र के कर्मचारियों द्वारा ऐसे धान का अलग ढेर तैयार कर दिया जाता है। बाद में चंद राइस मिलर्स से मिलीभगत करके खरीदी केंद्र के कर्मियों द्वारा रिकॉर्ड में मोटे और असल में पतले सरना धान को मिलर्स के वाहनों में लोड करा दिया जाता है। इस गड़बड़ी की आड़ में कर्मचारियों और राइस मिलर्स की अलग से कमाई हो जाती है। इसी तरह की गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद बलौदाबाजार जिले के धान खरीदी केंद्र शिकारी केशली दो कर्मियों को बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है।

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