गौतम अडानी

नई दिल्ली। अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने 27 फरवरी से अपनी नेटवर्थ में 17.70 बिलियन डॉलर का इजाफा किया है।  जो उन्हें ग्लोबल लेवल पर टॉप 20 अरबपतियों की लिस्ट के करीब लेकर आ गया है । मौजूदा समय में 66 वर्ष के अडानी की कुल नेटवर्थ 55.40 अरब डॉलर हो चुकी है । ब्लूमबर्ग बिलेनियर्य की लिस्ट में वह अब 21वें पायदान पर पहुंच गए हैं । अगर अडानी ने टॉप 20 में पहुंचना है तो उन्हें करीब 5 अरब डॉलर की जरुरत होगी।

अडानी ग्रुप के शेयरों अडानी इंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पॉवर, अडानी ट्रांसमिशन और अडानी टोटल गैस में में तेज रिकवरी की बदौलत गौतम अडानी की वेल्थ में 27 फरवरी को 37.7 बिलियन डॉलर के निचले लेवल से जबरदस्त वापसी हुई है । अडानी ग्रुप की कंपनियां पिछले पांच दिनों में 31 फीसदी तक चढ़ी हैं । अडानी ग्रुप ने निवेशकों की चिंताओं को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसकी वजह से अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में इजाफा देखने को मिला है।

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बीते पांच सेशंस में अडानी कंपनियों का प्रदर्शन

पिछले पांच सेशंस में अडानी इंटरप्राइजेज के शेयरों में 30.77 फीसदी की तेजी आई है । अडानी टोटल गैस पिछले पांच कारोबारी दिनों में 28.36 फीसदी उछला है । अडानी ग्रीन एनर्जी 21.54 फीसदी ऊपर है जबकि अडानी पॉवर इसी अवधि के दौरान 19.32 फीसदी चढ़ा है ।अडानी ट्रांसमिशन ने पिछले पांच दिनों 21.84 फीसदी की तेजी दर्ज की है । अडानी विल्मर 21 प्रतिशत ऊपर है जबकि अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड इसी अवधि के दौरान 17 फीसदी बढ़ा है. एनडीटीवी, एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स भी पिछले पांच सत्रों में 22 फीसदी तक चढ़े हैं.

क्यों आई अडानी के शेयरों में तेजी

अडानी के शेयरों में हाल ही में सुधार हुआ है जब ग्रुप ने कहा कि उसने 7,374 करोड़ रुपये के शेयर-बेस्ड फाइनेंस को चुका दिया है और महीने के अंत तक ऐसे सभी बाकी लोन का भुगतान कर देगा । इसके अलावा, एसबी अडानी फैमिली ट्रस्ट ने हाल ही में अडानी ग्रुप चार फर्मों में यूएस-बेस्ड जीक्यूजी पार्टनर्स को 15,446 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बेची. इसके अलावा, समूह ने 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने के लिए और रोड शो किए हैं, जिसने ग्रुप मार्केट कैप को हाल ही में 150 बिलियन डॉलर तक गिरा दिया था।

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सितंबर में 150 अरब डॉलर थी अडानी की नेटवर्थ

पिछले साल सितंबर में अकेले अडानी की नेटवर्थ 150 अरब डॉलर थी । लेकिन उसके बाद से ग्रुप के शेयरों में गिरावट का रुख दिख रहा था. 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट ने, हालांकि, अडानी ग्रुप के शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी, क्योंकि इसमें समूह की कंपनियों में फाइनेशियल फ्रॉड और स्टॉक हेरफेर का आरोप लगाया गया था. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बाजार नियामक सेबी को यह पता लगाने के लिए जांच करने का आदेश दिया कि क्या ग्रुप ने बाजार के नियमों का उल्लंघन किया है ।

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