DSPM KORBA

कोरबा। एक दिन पूर्व ही जांजगीर जिले की एक ग्राम पंचायत में जल श्रोतों और खुले में प्लांट से निकलने वाली राख फेंके जाने के मामले में कलेक्टर ने ग्राम सरपंच को बर्खास्त कर दिया था। ऐसे ही एक मामले में कोरबा जिले में पर्यावरण संरक्षण मंडल (PCB) ने डाॅ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी विद्युत संयंत्र (DSPM) के ऊपर 5 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। यहां पहली बार विभाग ने तत्काल कार्यवाही करते हुए सरकार के ही पावर प्लांट पर जुर्माना लगा दिया है।

हुआ यूं कि एक दिन पूर्व ही 29 मार्च को ही DSPM संयंत्र के ऐश डाइक से राख लेकर दो हाईवा गाड़ियों से गोढ़ी स्थित निजी स्कूल के पास खेत में फेंकी गई, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया और मामले की शिकायत PCB से की। शिकायत मिलते ही पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वाहन क्रमांक सीजी 12 बीए 8910 और सीजी 12 बीएफ 8377 को अवैधानिक तरीके से राख फेकते पकड़ा।

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नोटिस के साथ लगाया जुर्माना

इस गंभीर प्रकरण पर पर्यावरण विभाग ने डीएसपीएम संयंत्र के कार्यपालन निदेशक को नोटिस जारी कर 5 लाख रूपये का जुर्माना ठोका है। पर्यावरण विभाग ने बकायदा नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जुर्माना जमा नहीं करने पर संयंत्र के विरूद्ध पर्यावरणीय अधिनियमों के तहत कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गयी।

इस नोटिस में उल्लेख किया गया है कि राख का परिवहन करने वाले ट्रक चालकों के पास डीएसपीएम संयंत्र से जारी फ्लाई ऐश परिवहन की पर्ची मिली। इसीके आधार पर राख को डीएसपीएम संयंत्र का मानते हुए प्रबंधन के ऊपर जुर्माना लगाया गया।

करे कोई भरे कोई

दरअसल कोरबा शहर और आसपास स्थित पावर प्लांटों से निकलने वाली राख को निर्धारित स्थल फेंके जाने का ठेका कुछ कंपनियों ने ले रखा है, इन कंपनियों अथवा इनके चालकों द्वारा डीजल बचाने की नियत से राख को शहर के इर्द-गिर्द कहीं भी फेंक दिया जाता है, वहीं कुछ ग्रामीणों द्वारा अपने खेत या जमीन को समतल करने के लिए वाहन चालकों को बोलकर राख को गिरवा दिया जाता है। ऐसा ही कुछ गोढ़ी गाँव में भी होने की जानकारी सामने आ रही है, जिसमे सम्भवतः किसी सोनी द्वारा अपने खेत तक पहुँच मार्ग बनाने के लिए राख को डलवाया गया। चूंकि पास ही एक विद्यालय संचालित है, वही ग्राम गोढ़ी में काफी जागर पर राख यूं ही फेक दी गई है, इसलिए इस बार दिन के वक्त राख फेंकने में लगी ट्रक को पकड़ कर इसकी शिकायत कर दी गई। अब राख DSPM संयंत्र की थी इसलिए PCB ने संयंत्र प्रबंधन पर ही जुर्माना ठोंक दिया। सच तो ये है कि राख का परिवहन करने वाली कंपनी के मालिक काफी रसूखदार हैं, जिसके चलते उसके ऊपर कार्रवाई करने की बजाय PCB ने संयंत्र प्रबंधन पर जुर्माना लगाया। TRP न्यूज़ ने इस संबंध में PCB कोरबा के प्रमुख शैलेश पिस्दा से उनका पक्ष जानने के लिए उन्हें कई बार फोन लगाया मगर उनका फोन रिसीव ही नहीं हुआ।

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PCB द्वारा DSPM को भेजा गया नोटिस :

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