रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद रायपुर की पुलिस आज जितनी बेबस लाचार है उतनी कभी नहीं रही। हत्या, हत्या के प्रयास चोरी, तस्करी, नशाखोरी इस मात्रा में बड़ी हुई है कि आम लोगों का अब जीना दूभर हो गया है। चाकूबाजी तो यहां आम घटना हो गई है। सरेराह कोई भी चाकू चलाता, खून बहाता निकल जाता है। राजधानी रायपुर का तो नाम ही लोग अब चाकूपुर कहने लगे हैं।

जबकि राजधानी की पुलिस को सख्त होना चाहिए। अपराधियों पर नकेल कसी जानी चाहिए। बावजूद अपराधियों को देखकर ही पुलिस के कदम पीछे हो रहे हैं। घर में घुसकर मिर्च पाउडर आंख में डालकर लूट की जा रही है। 15 दिनों में 50 चोरियां घरों में तथा 1 महीने के भीतर रायपुर में 50 से ज्यादा दुपहिया गाड़ियों की चोरी हो गई है। हाल ही में महिला थाना के सामने सौंदर्यकरण के लिए लगे हुए पोल तक चोर उखाड़ ले गए हैं।
सवाल यही है आखिर रायपुर पुलिस कर क्या रही है? या तो अपराधियों को सरकारी संरक्षण हैं या फिर पुलिस से मिलीभगत है? वरना डंके की चोट पर राजधानी रायपुर में इस तरह की घटनाएं निरंतर घटती रहे यह समझ से परे है।

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किसी भी प्रदेश की राजधानी को सबसे सुरक्षित माना जाता है परंतु हमारा रायपुर देश के सबसे असुरक्षित शहर के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। लगातार घट रहे अपराध को लेकर हम जनप्रतिनिधि ही नहीं आम जनता भी बेहद चिंतित है।

हम लगातार कांग्रेस सरकार को इस दिशा में आगाह भी करते हैं। विधानसभा सत्र में भी हमने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। बावजूद उन्हे रत्ती भर भी फर्क नही पड़ता। पुलिस की कार्यप्रणाली जस की तस है। ऐसा प्रतीत होता है मानो भूपेश सरकार ने जनता के प्रति अपनी जवाबदेही से हाथ पीछे खींच लिया हो। रही बात पुलिस की तो रायपुर की पुलिस केवल राजनीतिक मामलों में कांग्रेस सरकार को खुश करने के लिए अपनी सक्रियता दिखाती है। आम लोगों के साथ घट रही गंभीर घटनाएं उनके लिए आम हो गई है। गजब है रायपुर की पुलिस। अपनी वर्दी की तो लाज रख लेते।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।