इंफाल। मणिपुर में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प के बाद उपजे विवाद ने हिंसा का बड़ा रूप ले लिया है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। शांति बहाली के लिए सेना और असम रायफल्स के 10 हजार जवानों को राज्य में तैनात किया गया है और धारा 144 भी लागू की गई है। मणिपुर सरकार ने आज इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध दस जून तक के लिए बढ़ा दिया है।

आयुक्त (गृह) एच ज्ञान प्रकाश की ओर से जारी एक आदेश के अनुसार ब्रॉडबैंड सहित मोबाइल डेटा सेवा पर रोक को दस जून अपराह्न तीन बजे तक के लिए बढ़ाया गया है। ये प्रतिबंध तीन मई को लगाए गए थे। गौरतलब है कि करीब एक माह पहले मणिपुर में जातीय हिंसा में कम के कम 98 लोगों की मौत हुई थी और 310 लोग घायल हुए थे।

फिलहाल 37,450 लोग 272 राहत शिविरों में रह रहे हैं। मेइती समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद मणिपुर में जातीय हिंसा भड़क उठी थी। 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।