Bad Condition Of Capital In Election Year - धूल से बुरा हाल…जगह जगह गड्ढ़े, चुनावी साल में राजधानी बीमार
Bad Condition Of Capital In Election Year - धूल से बुरा हाल…जगह जगह गड्ढ़े, चुनावी साल में राजधानी बीमार

टीआरपी डेस्क

रायपुर। राजधानी में रोड, रास्तों और सफाई के साथ इसकी सुंदरता की देखरेख के लिए यूं तो तीन विभाग है। लेकिन निगम, स्मार्ट सिटी और जिला प्रशासन बेफिक्र है। चुनावी साल में पूरी राजधानी अव्यवस्थाओं से बेहाल है। लोगों को घर से निकलने के पहले हेलमेट या कैप, चश्मा और मुंह बांधना पड़ता है। सिर्फ रायपुर शहर घूम ले कोई तो हादसा होने या फिर इससे बचे तो कमर दर्द, एलर्जी से जीना बेहाल है। धूल, गड्ढ़ों और खस्ताहाल रोड-रास्तों के बाद गंदगी-बदबू से जनता त्रस्त हो गई है।

राजधानी रायपुर को इंदौर के तर्ज पर स्वच्छ और सुंदर बनाने कई तरह के प्रयास किए जा रहे है। घर-घर नल पहुंचाने अच्छी-खासी सड़कों की खोदाई तेजी से हो रही है। इसी साल चुनाव है और नगर निगम से लेकर रायपुर की 4 में से 1 को छोड़कर सभी विधानसभा कांग्रेस के हाथों है। ऐसे में राजधानी का इतना बुरा हाल और लोगों को हो रही तकलीफ कहीं चुनावी परिणाम में असर न दिखा दे, शायद इसका खौफ पार्टी के दिग्गजों को नहीं है।

एक तरफ महापौर एजाज ढेबर राजधानी में विकास कार्यों को लेकर तमाम दावे कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ राजधानी की तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है। विपक्ष इसे महापौर की नाकामी बता रहा है। इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि चुनावी वर्ष होने के बाद भी कार्य में तेजी दिखाई नहीं दे रही है।जनता राजधानी की सड़कों पर चलकर हलाकान हो रही है । पिछले 3 वर्षो में एक ही सड़क को खोदना फिर उसकी मरम्मत करना और फिर खोदाई कर देना यही चल रहा है। गड्ढ़ा करना, निर्माण और फिर उसकी मरम्मत के लिए हाल देखकर लगता है निगम के पास कोई प्लान नहीं है। या फिर स्मार्ट सिटी और निगम के बीच तालमेल नहीं है। क्योंकि रायपुर नगर निगम के अंदर ये दोनो ही विभाग प्रदर्शन में लगे हुए है।

See also  बीजेपी स्थापना दिवस: छत्‍तीसगढ़ में 6 से 14 अप्रैल तक पार्टी का गांव चलो अभियान,यहां देखें पूरी जानकारी

कार्य की धीमी रफ़्तार, सिर्फ बोर्ड में कार्य प्रगति पर

बात करें अगर बूढ़ा तालाब मार्ग से काली बाड़ी आने वाले मार्ग कि तो पिछले 3 महीनो से अंडरग्राउंड वाटर का कार्य कछुए की चाल से चलता नजर आ रहा है। वहीं शहर का हृदय स्थल कहे जाने वाले जय स्तंभ चौक की सूरत भी बिगड़ी हुई है। लाखों रूपये खर्च कर लगाई गई एलईडी स्क्रीन बंद , केवल रिपेयरिंग का हवाला दे रहे हैं जिम्मेदार। जयस्तंभ चौक पर लगे एलईडी टीवी जिसमे कई सुविचार और राज्य तथा देश के महापुरुषों की प्रदर्शनी नजर आती थी वो पिछले कई महीनों से बंद पड़ी है। आखिर लाखो खर्च करके लगाए गए एलईडी स्क्रीन की रिपेयरिंग क्यों नही की गई इसका भी जवाब नही है ।

अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट के लिए पूर्व तैयारियां किया नहीं

जगह जगह पर अंडरग्राउंड केबल के लिए खुदाई किया जा रहा है जिस रोड पर करोड़ों रुपए खर्च किया जाता है कुछ ही दिनों बाद उसी रोड को फिर से खोद दिया जाता है तो क्या निगम या स्मार्ट सिटी के पास अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट के लिए प्री प्लान नही है। आपको बता दें कि बार बार खोदाई के वजह से आईटी एम एस , सिग्नल , कैमरों के केबल कट जाते है जिससे चौक चौराहों के सिग्नल कई दिनों तक बंद रहते है शहर के अंदर ट्रैफिक जाम होने की यह भी एक बड़ी वजह है ।

See also  संसद के शीत सत्र में सोनिया-राहुल गांधी नहीं आएंगे नजर, खरगे-चौधरी को मिला जिम्मा

महापौर को अब भी ये उम्मीद

एजाज ने कहा हमारा शहर सबसे सुंदर नजर आएगा

महापौर एजाज ढेबर ने कहा- शहर के अंदर अंडरग्राउंड केवल और जल जीवन मिशन का कार्य जारी है जिसके वजह से आम जनता को परेशान हो रही है लेकिन कुछ दिनों में जब कार्य पूरा हो जाएगा तो सड़के पूरी तरह साफ सुथरी नजर आएगी । वर्क अंडर प्रोसेस की वजह से सड़कों पर धूल नजर आ रहे है लेकिन कार्य पूरा हो जाने के बाद हमारा शहर सबसे सुंदर नजर आएगा।

बीजेपी पार्षद दल की नेता ने कहा

गले तक भ्रस्टाचार में डूबने से हाल बेहाल – मीनल

बीजेपी पार्षद दल की नेता मीनल चौबे का कहना है महापौर और निगमायुक्त के चलते राजधानी के लोग इतनी तकलीफ उठा रहे हैं। जाम, गड्ढ़े,धूल और जर्जर रोड-रास्तों की वजह है निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार। यूनिपोल घोटाला, स्मार्ट टॉयलेट घोटाला, सफाई से लेकर निर्माण कार्य के बजट में गड़बड़ियां जनता की परेशानी का सबब है। कांग्रेस राज में निर्माण में खर्च फिर तोड़फोड़ और बनाने में लेटलतीफी का तरीका सब जान गए हैं। इसबार राजधानी की बेहाल जनता कांग्रेस को चुनाव में अपना फैसला सुनाएगी।

See also  7 साल पहले मिले तांडव के आइडिया को सैफ ने 60 दिन में शूट किया