नई दिल्ली/लखनऊ। यमुना एक्सप्रेसवे घोटाला मामले की जांच का जिम्मा अब सीबीआई ने

ले लिया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एजेंसी ने अपनी प्राथमिकी में पूर्व सीईओ

आईएएस पीसी गुप्ता और 20 अन्य को नामजद किया है।

 

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने उत्तर प्रदेश सरकार की अनुशंसा के अनुरूप यह कदम उठाया

है। सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए मथुरा में बड़ी जमीनों की खरीद में हुई 126 करोड़

रुपये की कथित अनियमितताओं की जांच करने को कहा है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार

का आरोप है कि तत्कालीन यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेसवे के लिए

मथुरा के सात गांवों में 85 करोड़ रुपये में जमीन खरीदी थी जिससे राज्य सरकार को 126 करोड़ रुपये

का नुकसान हुआ।

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस जुलाई, 2018 में इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। आरोप

है कि यमुना एक्सप्रेस इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ गुप्ता ने अधिकारियों और कर्मचारियों

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को गठजोड़ बनाकर मथुरा के 7 गांवों में 19 कंपनियों की मदद से 85.49 करोड़ रुपये में जमीन की खरीद

की थी। इसके बाद इस जमीन को अथॉरिटी को ऊंचे दामों पर बेचा गया, जिसके चलते 126 करोड़ रुपये

का नुकसान हुआ था।

 

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