टीआरपी डेस्क। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है। पांच जजों की पीठ ने माना कि आर्टिकल 370 अस्थायी थी, जिसे हटाया जा सकता है।

सवाल यही है कि इस फैसले से जम्मू-कश्मीर में क्या बदलाव आएगा? लद्दाख का क्या होगा, जिसे इस फैसले के समय 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग कर दिया गया? यहां जानिए

  • जम्मू-कश्मीर को जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा। अभी यह केंद्र शासित प्रदेश है। लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा।
  • जम्मू-कश्मीर में जल्द चुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश देते हुए 30 सितंबर 2024 तक चुनाव कराने का आदेश दिया है।
  • जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की मांग वहां के राजनीतिक दल कर रहे थे। अब नए परिसीमन के अनुसार चुनाव होंगे।
  • चुनाव होने के बाद जम्मू-कश्मीर में अपनी सरकार होगी और राष्ट्रपति शासन हटा लिया जाएगा।
See also  जब BCCI को संकट से उबारा था लता दीदी ने, 'स्वर कोकिला' के कन्सर्ट से खिलाड़ियों को दिए गए थे 1-1 लाख रूपये

इन सवालों के मिले जवाब

क्या आर्टिकल 370 अस्थायी व्यवस्था थी?

हां आर्टिकल 370 अस्थायी व्यवस्था थी। इसे कभी भी हटाया जा सकता था। इसके लिए जम्मू-कश्मीर संविधान सभा की जरूरत नहीं थी, जो कि 1957 में खत्म हो गई थी। इसके बाद राष्ट्रपति को अधिकार थे कि वो इसे हटाने की सिफारिश स्वीकार कर ले।

क्या आर्टिकल 370 हटाने की प्रकिया सही थी?

आर्टिकल 370 हटाने की प्रक्रिया बिल्कुल सही थी। राष्ट्रपति के अधिकार असीमित हैं। उन पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।

क्या दो हिस्सों में बांटना सही था?

अब जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाएगा। जल्द चुनाव करवाए जाएंगे। लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर