टीआरपी डेस्क। इराक के बगदाद इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर अमेरिकी हमले में टॉप कमांडर जनरल कासिम

सुलेमानी के मारे जाने से ईरान हैरान है। अमेरिका ने इस मिशन को बिना सेना के सीधे इस्तेमाल के इतने गोपनीय

और अचूक हथियार के जरिए अंजाम दिया कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी कुद्स फोर्स के चीफ सुलेमानी

को बचने को कोई मौका नहीं मिल पाया।

 

हमले में इराक में ईरान समर्थित पैरामिलिट्री फोर्स के प्रमुख अबू मेहंदी अल मुहंदीस समेत 8 लोग भी मारे गए।

दरअसल सुलेमानी पर यह हमला अमेरिका ने हजारों फीट ऊपर से किया था। जानिए अमेरिका के उस हवाई

‘ब्रह्मास्त्र’ के बारे में जिसका इस्तेमाल सुलेमानी को मारने के लिए किया गया।

 

सुलेमानी पर जानलेवा वार के लिए इस्तेमाल हुए अमेरिका के इस अचूक हथियार का नाम है MQ-9 रीपर ड्रोन।

यह बेहद उन्नत किस्म का टोही और लक्ष्यभेदी ड्रोन है। इस ड्रोन की खास बात यह है कि यह जासूसी में जितना

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माहिर है, उतना ही खतरनाक हवाई हमले करने में भी है। दरअसल, अमेरिका ने पहली बार ईरानी जनरल

कासिम सुलेमानी पर इस ड्रोन का इस्तेमाल नहीं किया है। इससे पहले भी दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए

इसका इस्तेमाल हो चुका है।

जानें पूरी खूबियां….

 

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।