बीजिंग। भारत और मालदीव के बीच चल रही तनातनी के बीच चीन ने धमकी दी है कि मालदीव के आंतरिक मामले में अगर किसी देश ने हस्‍तक्षेप करने की कोशिश की तो वह इसका पूरी कड़ाई के साथ व‍िरोध करेगा। मालदीव के राष्‍ट्रपति मोहम्‍मद मुइज्‍जू और चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात के बाद जारी बयान में यह भी कहा गया है कि मालदीव अपने देश में चीन व‍िरोधी गतिव‍िधियों को नहीं होने देगा। साथ ही मालदीव एक चीन नीति का पालन करेगा। चीन ने पर्यटन के क्षेत्र में मालदीव की मदद करने का वादा किया है जिसको लेकर भारत के साथ उसका तनाव अपने चरम पर है।

चीन और मालदीव के बीच जारी संयुक्‍त बयान के हवाले से कहा गया है कि ‘चीन पुरजोर तरीके से मालदीव के राष्‍ट्रीय संप्रभुता और राष्‍ट्रीय गरिमा को बरकरार रखने के प्रयासों का समर्थन करेगा। साथ ही मालदीव के आंतरिक मामलों में व‍िदेशी हस्‍तक्षेप का कड़ाई से व‍िरोध करेगा। मालदीव एक चीन नीति का पूरी दृढ़ता के साथ पालन करेगा। साथ ही मालदीव चीन के आंतरिक मामलों में किसी भी बहाने व‍िदेशी हस्‍तक्षेप का पूरी तरह से विरोध करेगा। चीन के राष्‍ट्रीय एकीकरण प्रयासों में भी मालदीव समर्थन करता है।’ माना जा रहा है कि इस पूरे बयान के जरिए चीन ने जहां भारत को चेतावनी देने की कोशिश की है, वहीं ताइवान मुद्दे पर मालदीव का समर्थन भी हासिल कर लिया।

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मालदीव और चीन के बीच 20 समझौते

चीन और मालदीव ने यह भी कहा कि दोनों देश आपसी सहयोग के स्तर और गुणवत्ता को और बढ़ाने पर सहमत हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था और अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर काम होगा जिससे परस्पर लाभ और साझा विकास हो। चीन और मालदीव के बीच यह संयुक्‍त बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत के साथ दोनों का तनाव चल रहा है। इससे पहले पीएम मोदी के खिलाफ अपने मंत्रियों की आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर भारत के साथ राजनयिक विवाद के बीच, मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने बुधवार को शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। इसके बाद दोनों देशों ने पर्यटन सहयोग सहित 20 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए और अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया।

एक खबर के अनुसार दोनों राष्ट्रपतियों ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने की घोषणा की। मालदीव के राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा, ‘आज दोपहर मालदीव और चीन की सरकारों के बीच 20 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और इस मौके पर दोनों राष्ट्रपति मौजूद थे।’ इन समझौतों में पर्यटन सहयोग, आपदा जोखिम में कमी, समुद्री अर्थव्यवस्था, डिजिटल अर्थव्यवस्था में निवेश को मजबूती देना और ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल शामिल हैं। चीन मालदीव को अनुदान सहायता भी देने को तैयार हो गया है लेकिन राशि का खुलासा नहीं किया गया।

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मुइज्‍जू के ‘इंडिया आउट’ की खुली पोल

मुइज्जू और उनकी पत्नी साजिदा मोहम्मद का बीजिंग में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। राष्ट्रपति शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन ने उनके सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन किया। मालदीव के राष्ट्रपति की चीन की राजकीय यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ उनके मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों और यूरोपीय संघ चुनाव अवलोकन मिशन की एक रिपोर्ट जारी होने की पृष्ठभूमि में हो रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव (पीपीएम) और पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) के सत्तारूढ़ गठबंधन ने 2023 के राष्ट्रपति चुनावों में भारत विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दिया और गलत सूचना फैलाने का प्रयास किया, जिसमें मुइज्जू ने जीत हासिल की। मुइज्जू को चीन समर्थक नेता माना जाता है और इंडिया आउट कैंपेन चलाकर सत्‍ता में आए हैं।