कोल्लम। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का काफिला शनिवार को जब कोल्लम के निलामेल से गुजर रहा था, तभी सीपीआईएम की छात्र शाखा SFI के कार्यकर्ताओं ने उन्हें विरोध स्वरूप काले झंडे दिखाए। इससे राज्यपाल इस कदर नाराज हो गए कि तुरंत गाड़ी से निकले और सड़क किनारे ही धरने पर बैठ गए।

दुकानदार से कुर्सी मांगी, और…

राज्यपाल ने सड़क किनारे स्थित एक दुकानदार से कुर्सी मांगी और वहीं पर धरने पर बैठ गए। राज्यपाल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह पुलिस अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा SFI कार्यकर्ताओं को संरक्षण दिया जा रहा है और पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही। राज्यपाल के धरने पर बैठने से वहां हंगामे की स्थिति बन गई।

होम मिनिस्टर या प्राइम मिनिस्टर से कराओ बात..

राज्यपाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एसएफआई कार्यकर्ताओं को काले झंडे लेकर प्रदर्शन करने से रोकने के लिए कार्रवाई नहीं की, जो वीडियो सामने आया है उसमें अपने सहयोगी को कह रहे हैं, ‘मोहन अमित शाह साहब से बात कराओ, या कोई भी हो उनके यहां , और नहीं तो फिर प्राइम मिनिस्टर के यहां बात कराओ।’

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खान इस बात से नाराज थे कि उनके काफिले के गुजरने से पहले पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे एसएफआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार क्यों नहीं किया। खान ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि अगर मुख्यमंत्री के गुजरने के दौरान ऐसी कोई हरकत होती तो पुलिस प्रदर्शनकारियों को तुरंत गिरफ्तार कर लेती। खान ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया कि जब तक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में नहीं लिया जाता, वह नहीं हटेंगे|

सभी को गिरफ्तार करो तभी हटूंगा…

बाद पुलिस ने 13 एसएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन पर आईपीसी की धारा 143, 144, 147, 283, 353, 124, 149 के तहत एफआईआर की गई है। पुलिस ने राज्यपाल को सूचित किया कि एसएफआई के 13 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। यह सुनने के बाद राज्यपाल ने कहा कि और भी लोग हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे वहां से नहीं जायेंगे।

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इस वजह से दिखाए काले झंडे

इस मामले में एसएफआई कार्यकर्ता ने कहा कि, बिना किसी योग्यता के सुरेंद्रन को बीजेपी दफ्तर से सिफारिश आने के बाद बाद सीनेट में वापस ले लिया गया, इसलिए एसएफआई पिछले कई महीनों से राज्यपाल के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है। आज का विरोध उसी का हिस्सा था। हम किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं, “अपराधी” कहा इसलिए हम राज्य भर में विरोध प्रदर्शन करके उन्हें अपने विरोध की ताकत दिखाएंगे। हम यह संदेश देना चाहते हैं कि SFI किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है।

इस कार्यक्रम का पूरे मंत्रिमंडल ने किया बहिष्कार

गौरतलब है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और कैबिनेट मंत्रियों ने गणतंत्र दिवस समारोह के सिलसिले में कल शाम राजभवन में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा आयोजित “एट होम” स्वागत समारोह का बहिष्कार किया। केरल सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव, केआर ज्योतिलाल एकमात्र व्यक्ति थे, जिन्होंने सरकार की ओर से राज्यपाल द्वारा आयोजित “एट होम” कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्य सचिव और राज्य के डीजीपी भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

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गणतंत्र दिवस समारोह में भी नजर आयी तल्खी…

सीएम और राज्यपाल दोनों कल सुबह सेंट्रल स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए थे। लेकिन, दोनों ने एक-दूसरे का अभिवादन नहीं किया। राज्यपाल ने अपने भाषण में यह कहकर कटाक्ष किया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को स्वायत्त और बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त होना चाहिए। राज्यपाल ने यह भी कहा कि एक समाज के रूप में हमें सत्ता के लिए समूह प्रतिद्वंद्विता या आंतरिक संघर्ष को शासन को प्रभावित करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।