150 किमी पैदल चलकर ​350 मुस्लिम श्रद्धालु पहुंचे रामलला के दर्शन करने

अयोध्या। ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ के संयोजक राजा रईस ने कहा, ”राम हम सभी के पूर्वज थे, हैं और रहेंगे।” रईस ने कहा, ”मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का मानना है कि हमारा मुल्क, हमारी सभ्यता, हमारा संविधान आपस में बैर रखना नहीं सिखाता है।

अगर कोई इंसान किसी दूसरे धर्म की इबादतगाह या पूजा स्थल पर चला जाए तो इसका मतलब यह कतई नहीं मानना चाहिए कि उसने अपना मजहब छोड़ दिया है। क्या दूसरे की खुशी में शामिल होना जुर्म है? मंच का मानना है कि अगर यह जुर्म है तो फिर हर हिंदुस्तानी को यह जुर्म करना चाहिए।”

अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में पूजा के लिये भक्तों में जबर्दस्त उत्साह के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ से जुड़े 350 लोग 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर यहां पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का यह दल 25 जनवरी को लखनऊ से चला था और रोजाना 25 किलोमीटर पदयात्रा कर मंगलवार को यहां पहुंचा।

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संगठन के मीडिया प्रभारी शाहिद सईद ने बुधवार को एक बयान में बताया कि 350 मुस्लिम श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किये। इस दौरान उनकी आंखों में ‘गर्व के आंसू’ और जुबान पर ‘जय श्री राम’ का नारा था। इस दल का नेतृत्व मंच के संयोजक राजा रईस और प्रांत संयोजक शेर अली खान ने किया।

बयान के अनुसार छह दिन की इस यात्रा के दौरान प्रतिदिन 25 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इसमें कहा गया है कि दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने कहा कि श्री राम के आध्यात्मिक दर्शन का यह पल उनकी पूरी जिंदगी सुखद स्मृति के रूप में बना रहेगा।