टीआरपी डेस्क। नरेंद्र मोदी का शपथ ग्रहण समारोह रविवार 9 जून की शाम 7.15 बजे होगा। इसके साथ नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले दूसरे नेता बन जाएंगे। नरेंद्र मोदी के पीएम पद की शपथ लेने के तुरंत बाद NDA के 14 सहयोगी दलों के 18 सांसद भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह में 7 कैबिनेट और 11 स्वतंत्र प्रभार और राज्यमंत्री को पद की शपथ दिलाई जा सकती है। हालांकि, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी अभी नहीं दी गई है।

मंत्रियों के चयन का फॉर्मूला तय

मीडिया में TDP के एक सांसद के हवाले से आई खबरों के मुताबिक किस पार्टी से कितने मंत्री बनेंगे, इसका फॉर्मूला तय हो चुका है। हालांकि,सभी सहयोगी दलों को सलाह दी गई है कि अभी कैबिनेट गठन को लेकर सार्वजनिक रूप से किसी तरह की चर्चा नहीं करें। एनडीए के सभी सहयोगी दलों में इस बात को लेकर सहमत बन गई है कि प्रधानमंत्री की ओर से जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे निभाएंगे। JDU सांसद लवली आनंद ने रेलवे मंत्रालय के सवाल पर कहा, “बिल्कुल (जदयू को) मिलना चाहिए। पहले भी ऐसा ही था।” जदयू सांसदों ने बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की भी बात फिर दोहराई है।

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राष्ट्रपति ने दिया सरकार बनाने का न्योता

शुक्रवार, 7 जून को नरेंद्र मोदी को NDAसंसदीय दल का नेता चुन लिया गया। पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में NDA संसदीय दल की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। इस बैठक में NDA के सभी 293 लोकसभा सांसदों, राज्यसभा सांसद और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी CM मौजूद रहे। शुक्रवार सुबह 11 बजे सभी पार्टियों के सांसदों ने मोदी को अपना नेता चुना।

एनडीए ने पेश किया सरकार बनाने का दावा

NDA ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। एनडीए गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मूसे मुलाकात की और उन्हें समर्थन पत्र सौंपा। इसके बाद शाम 6 बजे मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने मोदी को दही-चीनी खिलाकर शुभकामनाएं दीं। भारतीय संस्कृति में किसी भी अहम काम को शुरू करने से पहले दही-चीनी खाना शुभ माना जाता है। बैठक के बाद मोदी ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनके घर जाकर मुलाकात की।

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प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे?

राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात करने वाले एनडीए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेपी नड्डा ने किया। इस दौरान राजनाथ सिंह, अमित शाह, अश्विनी वैष्णव, सी एन मंजूनाथ, टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू, जेडी(यू) नेता नीतीश कुमार, राजीव रंजन सिंह और संजय झा, शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे, जेडी(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी, एलजेपी(आरवी) नेता चिराग पासवान, एचएएम (एस) नेता जीतन राम मांझी, जन सेना नेता पवन कल्याण, एनसीपी नेता अजीत पवार, अपना दल (एस) नेता अनुप्रिया पटेल, आरएलडी नेता जयंत चौधरी, यूपीपीएल नेता जोयंत बसुमतारी, एजीपी नेता अतुल बोरा, एसकेएम नेता इंद्र हंग सुब्बा, एजेएसयू नेता सुदेश महतो और चंद्र प्रकाश चौधरी और आरपीआई(ए) से रामदास अठावले शामिल थे।