टीआरपी डेस्क। दिल्ली की राजनीति में बड़ा फेरबदल हुआ है। आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और शिक्षा मंत्री आतिशी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद, आतिशी दिल्ली के सीएम की कुर्सी संभालेंगी। बता दें कि आतिशी के साथ 5 मंत्रियों ने भी शपथ ली है।

केजरीवाल का इस्तीफा और आतिशी की नई भूमिका

यह बड़ा बदलाव उस समय हुआ जब AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति मामले में लगे आरोपों के बाद इस्तीफा दे दिया। केजरीवाल ने कहा कि वह विधानसभा चुनावों में जनता से नया जनादेश लेकर फिर मुख्यमंत्री पद पर लौटेंगे। केजरीवाल के जेल से बाहर आने के बाद पार्टी की आपात बैठक में सर्वसम्मति से आतिशी को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद राष्ट्रपति ने आतिशी की नियुक्ति को मंजूरी दी।

आतिशी का सियासी सफर

आतिशी पहली बार 2020 में कालकाजी विधानसभा से विधायक चुनी गईं और तब से शिक्षा विभाग में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। इससे पहले वह मनीष सिसोदिया की सलाहकार के रूप में शिक्षा सुधारों में अहम भूमिका निभा चुकी हैं। 2023 में केजरीवाल की कैबिनेट में शिक्षा मंत्री बनने के बाद उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाई और पार्टी के विभिन्न मंचों पर मजबूती से AAP का पक्ष रखा।

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AAP विधायक दिलीप पांडेय का BJP पर निशाना

आतिशी के शपथ ग्रहण से पहले AAP विधायक दिलीप पांडेय ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बीजेपी आप को तोड़ नहीं पाई, तो उसने फर्जी मामलों के जरिए नेताओं को जेल में डाल दिया। पांडेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी की साजिशें नाकाम हो गईं, लेकिन केजरीवाल ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया।

आतिशी की नियुक्ति से दिल्ली की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। जनता की उम्मीदें अब आतिशी पर टिकी हैं कि वह केजरीवाल की विरासत को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।