टीआरपी डेस्क। जया किशोरी, एक प्रसिद्ध कथावाचक, अपने महंगे हैंडबैग के कारण विवादों में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने गाय की चमड़ी से बने हैंडबैग का इस्तेमाल किया है। इस पर जया किशोरी ने अपनी सफाई दी है।

ब्रांड देखकर इस्तेमाल नहीं करती

जया किशोरी ने कहा कि वे किसी ब्रांड के नाम के आधार पर सामान का चयन नहीं करतीं। आप कहीं जाते हैं और अगर आपको कुछ पसंद आता है, तो आप उसे खरीद लेते हैं, उन्होंने कहा। उन्होंने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि यह बैग पूरी तरह से कस्टमाइज्ड फैब्रिक से बना है, न कि चमड़े का।

अपनी तपस्या नहीं तोड़ूंगी

जया ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके कुछ सिद्धांत हैं, जिनमें से एक यह है कि वे चमड़े का उपयोग नहीं करतीं और उन्होंने कभी इसका इस्तेमाल नहीं किया। “अगर मुझे कुछ पसंद आता है और मैं उसे खरीद लेती हूं, तो मैं इस तपस्या को नहीं तोड़ूंगी,” उन्होंने कहा।

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ट्रोलर्स को लगाई फटकार

जया ने ट्रोलर्स पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि लोग उनकी बातों को सुनना चाहते हैं, तो उन्हें कड़ी मेहनत करनी चाहिए और अपने लिए एक आरामदायक जीवन बनाना चाहिए। लोगों को ट्रोल करने से कुछ नहीं होगा।

जया ने यह भी बताया कि यह बैग हाल का नहीं है, बल्कि कई साल पुराना है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि यह मामला किसी पेड पीआर या एजेंडे का हिस्सा हो सकता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।