रायपुर। छत्तीसगढ़ में B.Ed डिग्रीधारी सहायक शिक्षक पिछले एक महीने से अपनी सेवा सुरक्षा और समायोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “हमारी सरकार यह नहीं चाहती कि किसी भी शिक्षक की नौकरी जाए। इसके लिए हमने एक कमेटी का गठन किया है, जो सीएस की अध्यक्षता में काम करेगी। कमेटी की जो भी सिफारिशें आएंगी, हम उस पर तुरंत विचार करेंगे। हम चाहते हैं कि यह मामला नियम और प्रक्रिया के तहत हल हो।”

इन शिक्षक-समूहों ने अपनी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए कई शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए हैं, लेकिन अभी तक किसी सरकारी प्रतिनिधि ने उनसे मुलाकात नहीं की। इससे शिक्षक और उनके परिवारजन बेहद निराश हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता है, क्योंकि इन शिक्षकों की नौकरी और भविष्य असुरक्षित होने से उनके परिवारों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

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इस बीच, इन शिक्षकों के अभिभावकों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा, “हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखना चाहते हैं, लेकिन अगर सरकार हमारी बातों को नजरअंदाज करती है, तो हम और अधिक व्यापक आंदोलन करने को तैयार हैं।”

बता दें कि कल, इन शिक्षकों ने तेलीबांधा थाना से एक शांतिपूर्ण यात्रा की शुरुआत की थी, जो घड़ी चौक पर अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया।