रायपुर। कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में शुरू किये गए अब तक के सबसे बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन के बीच केंद्रीय सुरक्षा बलों को वापस बुलाये जाने के बाद यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि यह अभियान फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

दरअसल भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात को देखते हुए, देश के सबसे बड़े नक्सल ऑपरेशन को स्थगित करने की खबर आ यही है। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर कर्रेगुट्टा के पहाड़ को सुरक्षाबलों के जवानों ने पखपाड़े भर तक घेरे रखा। इस बीच दो दर्जन से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया गया। लेकिन अब भारत-पाकिस्तान के बीच बने तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए केंद्रीय बलों को वापस मुख्यालय में आमद दर्ज करने को कह दिया गया है। चूंकि इस ऑपरेशन को केंद्रीय बलों ने ही संभाल रखा था, इसलिए स्वाभाविक है कि ये ऑपरेशन अब स्थगित समझा जायेगा। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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ऑपरेशन का क्या रहा परिणाम..?

नक्सलियों के खिलाफ बीजापुर में चल रहा था देश का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन पिछले 18 दिनों से जारी रहा। इस दौरान 26 नक्सलियों को मार गिराया गया। बताया गया कि कई बड़े नक्सली मारे गए हैं, मगर किसी के नाम अब तक सामने नहीं आये हैं। इस दौरान इस पहाड़ श्रृंखला के दो पहाड़ों पर कब्ज़ा कर लिए जाने की खबर भी आई, मगर जिस तरह यहां सैकड़ों नक्सलियों के छिपे होने की बात सामने आ रही थी, वैसा नजर नहीं आया। आशंका जताई जा रही है कि नक्सली मौका पाकर यहां से निकल भागे हैं।

बताया जा रहा है कि आज जब सूचना आई कि, पाकिस्तान अपनी फौज को सीमाई क्षेत्र में भेज रहा है। इसके चलते तेलंगाना-छत्तीसगढ़ की सीमा पर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। CRPF समेत सुरक्षा बलों के सभी जवानों को वापस बुलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। सभी जवानों को मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। हालांकि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की घोषणा भी कर दी गई है, और वार्ता का दौर जल्द ही शुरू करने की बात कही गई है। इसलिए फिलहाल सरकार के अगले दिशा-निर्देश का इंतजार सुरक्षा बालों के अफसरों को रहेगा।

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