बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड (DMF) घोटाले में फंसे पूर्व IAS अधिकारी रानू साहू, पूर्व मुख्यमंत्री के उप सचिव सौम्या चौरसिया, एनजीओ संचालक मनोज कुमार और दलाल सूर्यकांत तिवारी को राहत नहीं मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इन सभी की स्थायी जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि FIR और केस डायरी का अवलोकन करने पर प्रथम दृष्टया आरोपियों की संलिप्तता आर्थिक अपराध में स्पष्ट प्रतीत होती है। अदालत ने पाया कि धारा 7 और 12 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC एक्ट) के तहत इनके खिलाफ अपराध बनता है। इस आधार पर कोर्ट ने नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया।

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