Modi cabinet: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए। पीएम ने खरीफ फसल पर मिनिमम सपोर्ट प्राइस (Minimum Support Price ) तय करते हुए लागत से 50% अधिक एमएसपी को मंजूरी दी। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बैठक में पीएम मोदी ने 5 अहम फैसले लिए। इसमें किसानों को कृषि ऋण में ब्याज में छूट दिए जाने का ऐलान किया।

Modi cabinet: कैबिनेट मीटिंग में लिए 5 बड़े फैसले

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने धान, कपास, सोयाबीन, अरहर समेत खरीफ की 14 फसलों की मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) बढ़ा दी है। धान की नई एमएसपी 2,369 रुपए तय की गई है, जो पिछली एमएसपी से 69 रुपए ज्यादा है। इसी प्रकार कपास की नई एमएसपी 7,710 रुपए तय की गई है। इसकी एक दूसरी किस्म की नईएमएसपी 8,110 रुपए कर दी गई है, जो इससे पहले की एमएसपी से 589 रुपए ज्यादा है।

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नई एमएसपी से सरकार पर 2 लाख 7 हजार करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। यह पिछले फसल सीजन की तुलना में 7 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एमएसपी फसल की लागत से कम से कम 50% ज्यादा हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है।

Modi cabinet: एमएसपी में 23 फसलें शामिल

7 प्रकार के अनाज (धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी और जौ)
5 प्रकार की दालें (चना, अरहर/तुअर, उड़द, मूंग और मसूर)
7 तिलहन (रेपसीड-सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम, निगरसीड)
4 व्यावसायिक फसलें (कपास, गन्ना, खोपरा, कच्चा जूट)

Modi cabinet: किसानों को ब्याज में छूट

खरीफ फसल पर एमएसपी में वृद्धि के अलावा सरकार ने 2025-26 के लिए संशोधित ब्याज अनुदान योजना (एमआईएसएस) को जारी रखने का फैसला किया। एमआईएसएस एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसके तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड ( KCC) के माध्यम से 7% की रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक के अल्पकालिक ऋण प्राप्त हुए, जिसमें पात्र ऋण देने वाली संस्थाओं को 1.5% ब्याज अनुदान प्रदान किया गया। इसके अलावा ऋण का समय पर भुगतान करने वाले किसान शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (पीआरआई) के रूप में 3% तक के प्रोत्साहन के पात्र हैं, जिससे केसीसी ऋण पर उनकी ब्याज दर प्रभावी रूप से 4% हो जाती है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।