अंबिकापुर। प्रदेश भर में चल रही युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में अब तक अनेक BEO, अपनों को उपकृत करने के फेर में निपट चुके है। बावजूद इसके अब भी गड़बड़ियां जारी है। इसी कड़ी में गलत जानकारी देने, पदों की कूटरचना करने, वरिष्ठता को दरकिनार करने, डीपीआई को भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी देने पर एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ बीईओ सुरेन्द्र जायसवाल और बलरामपुर– रामानुजगंज जिले के रामानुजनगर बीईओ पंडित भारद्वाज को निलंबित कर दिया गया है।

वरिष्ठता सूची में छेड़छाड़

मिली जानकारी के मुताबिक BEO सुरेंद्र जायसवाल द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में वरिष्ठता सूची से छेड़छाड़ और नियमों की अनदेखी की गई। जायसवाल ने माध्यमिक शाला लेदरी में वरिष्ठता क्रमांक 4393 की शिक्षिका गुंजन शर्मा को अनुचित रूप से अतिशेष घोषित किया गया, जबकि उनसे कनिष्ठ क्रमांक 4394 की बेबी धृतलहरे को सुरक्षित रखा गया। इसी तरह प्राथमिक शाला चिमटीमार में कार्यभार ग्रहण तिथि के आधार पर अर्णिमा जायसवाल को अतिशेष माना जाना था, परन्तु सूची में संध्या सिंह का नाम जोड़ा गया। माध्यमिक शाला साल्ही में शिक्षक सूर्यकान्त जोशी के विषय की जानकारी गलत दर्शाई गई और विषय चक्रानुसार उनकी पदस्थापना नहीं की गई।

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इन सभी मामलों में वरिष्ठ शिक्षकों को जानबूझकर कनिष्ठ दिखाया गया, जो कुटरचना, पद के प्रति लापरवाही और स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन है।

इस तरह शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में गंभीर अनियमितताओं के चलते मनेन्द्रगढ़ के विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र प्रसाद जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, मनेन्द्रगढ़ की रिपोर्ट के आधार पर संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा द्वारा की गई।

भ्रामक जानकारियां भेजी BEO ने

उधर BEO रामानुजनगर (जिला सूरजपुर) पंडित भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रस्तुत की, जिससे कई स्तरों पर गंभीर त्रुटियां उत्पन्न हुईं।

जांच में सामने आया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुवनेश्वरपुर में अंग्रेजी विषय के दो रिक्त पद गलत तरीके से दिखाए गए, जबकि वहां पहले से चार व्याख्याता कार्यरत थे। इसके चलते दो अतिरिक्त व्याख्याताओं की अनुचित पदस्थापना की गई। इसी प्रकार, प्राथमिक शाला सरईपारा (जगतपुर) और देवनगर में छात्र संख्या के अनुपात से अधिक शिक्षक पद दर्शाए गए, जिससे वहां भी अनावश्यक रूप से शिक्षकों की नियुक्ति हुई। हाई स्कूल सुमेरपुर में कला संकाय के व्याख्याता राजेश कुमार जायसवाल को विज्ञान विषय का बताकर एक अतिरिक्त विज्ञान शिक्षक की पदस्थापना कराई गई।

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