टीआरपी डेस्क। कांग्रेस पार्टी को अब अपने फंड में पड़े 199.15 करोड़ रुपये पर टैक्स देना पड़ेगा। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने पार्टी की वह अपील खारिज कर दी है, जिसमें उसने टैक्स छूट की मांग की थी।

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस ने 2 फरवरी 2019 को अपना आयकर रिटर्न दाखिल किया था, जिसमें उसने शून्य आय घोषित की और 199.15 करोड़ रुपये की टैक्स छूट मांगी। लेकिन तय तारीख थी 31 दिसंबर 2018। मतलब रिटर्न देरी से दाखिल हुआ। ITAT ने इस आधार पर कहा कि छूट का दावा मान्य नहीं है।

नियम तोड़ा गया था

जांच में सामने आया कि पार्टी ने 14.49 लाख रुपये का नकद चंदा लिया, जिसमें कई दान 2,000 रुपये से ज्यादा के थे। नियम साफ है 2,000 रुपये से ज्यादा का दान केवल बैंकिंग माध्यम (चेक, ट्रांसफर आदि) से ही लिया जा सकता है। नकद लेने पर टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलता।

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कब-कब क्या हुआ?

  • 2021 में इनकम टैक्स विभाग ने कांग्रेस की छूट की मांग खारिज की।
  • मार्च 2023 में आयकर आयुक्त (अपील) ने भी विभाग के फैसले को सही ठहराया।
  • इसके बाद कांग्रेस ने ITAT में अपील की, लेकिन अब वह भी खारिज हो गई है।

अब कांग्रेस को पूरे 199 करोड़ रुपये पर टैक्स चुकाना होगा। देरी से रिटर्न दाखिल करने और नकद दान के नियम तोड़ने की वजह से पार्टी को कोई राहत नहीं मिली।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।