टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसपी किरण चव्हाण के कुशल नेतृत्व में चल रही आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और पुना मारगेम अभियान ने एक बार फिर रंग दिखाया है। इन पहलों से प्रेरित होकर 5 सक्रिय नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह और सीआरपीएफ 131 वाहिनी के सहायक कमांडेंट अमित श्रीवास्तव के समक्ष इन नक्सलियों ने सरेंडर किया है। आत्मसमर्पित नक्सली सुकमा जिले के जगरगुंडा और चिंतलनार थाना क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय थे। इन्होंने पुलिस गश्त पर नजर रखने, मार्गों में आईईडी और स्पाइक लगाने, रास्ते अवरुद्ध करने और शासन-विरोधी पर्चे-पाम्पलेट लगाने जैसी कई गंभीर घटनाओं को अंजाम दिया था।

इन सभी नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की नवीन ‘‘नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति – 2025’’ के अंतर्गत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और अन्य पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

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