टीआरपी डेस्क। ओडिशा के बौध जिले में गोलाप चंद्र हंसदाह, जो कि एक मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) हैं, को उनके अधिकारित आय स्रोतों की तुलना में अत्यधिक संपत्ति जमा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस की छापेमारी में उनकी अत्यधिक संपत्ति सामने आई, जिसे देखकर अधिकारी भी चौंक गए। उसके पास से 44 प्लॉट, 1Kg सोना और ढ़ेरों अन्य कीमती सामान बरामद हुआ है।
गोलाप चंद्र हंसदाह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि उनके पास एक बहुमंजिला इमारत, 2 Kg चांदी, ₹2.38 लाख नगद और ₹1.34 करोड़ जमा राशि भी मिली है। इसके अलावा उनके पास से बेनामी लेनदेन के विवरण वाली एक डायरी भी मिली है।

अधिकारियों ने बताया कि हंसदाह संपत्ति के स्वामित्व का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। हंसदाह और उनके परिवार के पास मौजूद 44 प्लॉट्स में से 43 शहर के आसपास और बलासोर शहर के बाहरी इलाके में स्थित है।
हंसदाह की नौकरी का विवरण
गोलाप चंद्र हंसदाह ने 1991 में जिला उद्योग केंद्र में सार्वजनिक सेवा शुरू की। उन्हें 2003 में जूनियर MVI के रूप में स्थायी नियुक्ति मिली और 2020 में बौध RTO में पूर्ण MVI के रूप में नियुक्ति मिली। उनका मासिक वेतन अब ₹1.08 लाख है जो लगभग ₹13 लाख प्रति वर्ष है।
मामले में कार्रवाई
विजिलेंस टीम ने Prevention of Corruption Act, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज करने के बाद आरोपी को विशेष विजिलेंस कोर्ट, बारिपाड़ा में पेश किया गया। जिसके बाद विजिलेंस की तकनीकी टीम द्वारा सभी भूखंडों, भवनों और वित्तीय दस्तावेजों का मापन और मूल्यांकन किया जा रहा है।



