टीआरपी डेस्क। उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने से खीर गंगा नदी के पानी ने विकराल बाढ़ का रूप ले लिया। इस आपदा ने भारी तबाही मचाई, जिसके परिणामस्वरूप कई घर ध्वस्त हो गए और कई लोग लापता हैं।
धराली गांव में तेज बारिश और बादल फटने के चलते खीर गंगा नदी में बाढ़ आ गई। लगभग 20–25 होटल और होमस्टे पूरी तरह ध्वस्त हो गए।
जान-माल की हानि
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, 10–12 मजदूर मलबे में दबे हो सकते हैं, जबकि कम से कम 4 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, इसके अलावा कई अन्य लापता हैं। घटनास्थल के वीडियो में चीखते लोग, पानी की तेज धारा और भयावह दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत सेना, SDRF, NDRF और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने निगरानी का दावा करते हुए बताया कि घटनास्थल से सेना और बचाव टीमें रवाना कर दी गई हैं।
हादसे के प्रभाव
धराली गांव, जिसे गंगोत्री यात्रियों का प्रमुख पड़ाव माना जाता है, बाढ़ की भेंट चढ़ गया है। स्थानीय लोग भय और दहशत में हैं। कई पशु, वाहन और स्थानीय संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। चार धाम यात्रा बाधित हुई है और राज्य में भारी बारिश के चलते हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक
हादसे की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिलते ही, उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने हादसे में हुई मौतों को लेकर शोक व्यक्त किया है और लापता लोगों के जल्द मिलने की कामना की है।
यह घटना प्रकृति की अनियंत्रित शक्ति का उदाहरण है, पहाड़ी इलाकों में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और एक्रो-इको-सेंसिटिव विकास की कमी से ऐसी आपदाएं और अधिक सघन होंगी।



