टीआरपी न्यूज। प्रदेशभर के 33 जिलों में प्रदेश मितानिन संघ के नेतृत्व में विविध मांगों को लेकर जंगी प्रदर्शन करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 19 अगस्त को राजधानी में भी मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की योजना थी, लेकिन बूढ़ा तालाब स्थित धरनास्थल पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलने से मुख्यमंत्री निवास का घेराव संभव नहीं है। इस वजह से नया रायपुर के तूता धरनास्थल पर ही प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ का कहना है कि चुनाव के समय भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में मितानिनों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का उल्लेख किया था, लेकिन यह मांग अभी तक अधूरी है। इसके अलावा मितानिन कार्यक्रम का संचालन एनजीओ को सौंपने का भी विरोध मितानिन संघ ने किया है।
मितानिन प्रशिक्षण का बहिष्कार
स्वास्थ्य मितानिन संघ एवं प्रशिक्षक कल्याण संघ के आह्वान पर 19 अगस्त को होने वाले प्रदर्शन में हजारों मितानिनें शामिल होंगी। संघ ने प्रदेशस्तर पर दिए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का बहिष्कार भी कर दिया है। यह प्रशिक्षण 18 अगस्त से शुरू होना था।
एक सप्ताह में मांग पूरी करने चेतावनी
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ की अध्यक्ष सरोज सेंगर ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने एक सप्ताह के भीतर मांगों को पूरा नहीं किया तो प्रदेश स्तर पर 72000 मितानिनों द्वारा जंगी प्रदर्शन किया जाएगा। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर संभाग की मितानिनें मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री निवास का घेराव करेंगी। इसके अलावा सरगुजा और बस्तर संभाग की मितानिनें अपने जिलों में चक्का जाम करेंगी।



