रायपुर। शहीद स्मारक परिसर का उपयोग यदि व्यावसायिक उपयोग के लिए होता है तो राज्य शासन समेत जिला व नगर निगम प्रशासन बड़े आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहे। यह चेतावनी पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा एवं पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने दी है। इन नेताओं ने शहीद स्मारक भवन पहुंचकर प्रदर्शन किया और संयुक्त रूप से अपनी बात कही।

दरअसल नगर निगम की मेयर इन कौंसिल की बैठक में शहीद स्मारक परिसर के व्यावसायिक उपयोग किए जाने के संबंध में प्रस्ताव पास होने के बाद से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन इसके विरोध में उठ खड़ा हुआ है और उप मुख्यमंत्री (नगरीय प्रशासन) अरुण साव से मिलकर अपना विरोध भी दर्ज करा चुका है।

इसी कड़ी में शहीद स्मारक परिसर में आज बड़ी संख्या में कांग्रेस नेतागण एवं सेनानी परिवार के लोग पहुंचे। इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुरली खंडेलवाल एवं अरुण दुबे ने संयुक्त रूप से अपनी बात रखते हुए कहा कि शहीद स्मारक भवन को नगर निगम द्वारा निजी एजेंसी को ठेके में देने का निश्चय कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। ठेका प्राप्त निजी एजेंसी वहां पर चौपाटी, फूड प्लाजा जैसे कार्यों को संचालित कर अपनी आय का माध्यम बनाएंगी। यह निर्णय अत्यन्त ही दुःखद एवं शहीद स्मारक भवन की गरिमा के विपरीत है। शहीद स्मारक भवन एक सामान्य भवन नहीं है। यह छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मारक है। इसे राष्ट्रीय धरोहर बनाकर रखा जाए। इसका लाभ-हानि के हिसाब से विचार न हो। शहीद स्मारक भवन को आय का स्त्रोत बनाना उन वीरों का अपमान है, जिन्होंने देश के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। सन् 2018 में भी ऐसी कोशिश की गई थी, तब भी विरोध के कारण इसे टाल दिया गया था। अगर शहीद स्मारक भवन की मूल अवधारणा के विपरीत किसी भी प्रकार के बदलाव का कार्य होगा तो सेनानी उत्तराधिकारी संगठन द्वारा पुरजोर विरोध किया जाएगा।

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शहीद स्मारक परिसर के व्यावसायिक उपयोग के प्रस्ताव के विरोध में जमकर नारेबाजी भी हुई। इस दौरान प्रमुख रूप से शहर कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, पूर्व पार्षद श्रीकुमार मेनन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद चौबे, पंकज शर्मा, शिव सिंह ठाकुर, कन्हैया अग्रवाल, सरयूपारी ब्राम्हण समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश शुक्ला, कान्यकुब्ज ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा, अजय तिवारी, प्रभात केयूर भूषण, श्रीमती बबीता नत्थानी, राजू सोनी समेत सेनानी परिवार से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।