जगदलपुर। CG News : बस्तर की धरती से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो इन दिनों चर्चाओं में है। यह कहानी है राकेश कड़ती की, एक ऐसे युवा की, जिसने बचपन में ही अपने माता-पिता को नक्सल हिंसा में खो दिया, लेकिन फिर भी अपने जज़्बे और मेहनत से सॉफ्टबॉल में भारत का नाम रौशन किया।

राकेश के पिता सोमैया कड़ती और माँ शांति को माओवादियों ने उनकी आंखों के सामने मौत के घाट उतार दिया था। उस समय राकेश बहुत छोटे थे। ऐसे कठिन वक्त में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने पहल की और उन्हें ‘टुमारो फाउंडेशन’ के ज़रिए नई ज़िंदगी की ओर मोड़ा।

2017 में बीजापुर में शुरू हुई सॉफ्टबॉल अकादमी में कोच सोपान करनेवार ने राकेश की प्रतिभा पहचानी और उन्हें प्रशिक्षण देना शुरू किया। तीसरी कक्षा से पढ़ाई शुरू करने वाले राकेश अब 12वीं में कॉमर्स के छात्र हैं और देश का प्रतिनिधित्व करने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन चुके हैं।

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अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व
राकेश अब तक 14 राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2023 में उन्होंने अंडर-18 एशिया कप में और 2025 में थाईलैंड में हुए अंडर-23 एशिया कप में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर मैदान में उतरने का गौरव प्राप्त किया। पिचर के रूप में उनकी भूमिका बेहद अहम रही।

राज्य स्तर पर पहली बार मिला बड़ा सम्मान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राकेश को ‘शहीद कौशल यादव अवार्ड’ से सम्मानित करेंगे। पहली बार इस क्षेत्र का कोई खिलाड़ी राज्य स्तरीय खेल पुरस्कार से नवाज़ा जाएगा।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।