शिवपुरी। जिले में मिलावटखोरी और नकली खाद्य सामग्री का कारोबार जमकर फल फूल रहा है। शिवपुरी में हुए धार्मिक कार्यक्रम में हलवा खाने के 30 मिनट बाद लोगों की तबियत बिगड़ गई। उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया।

आशंका जताई जा रही है कि, नकली घी से बने होने की वजह से लोगों की हालत बिगड़ी है. कई लोगों को उल्टी-दस्त की भी शिकायत हुई है. सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम और एसडीएम मौके पर पहुंचे. डॉक्टरों की टीम बीमार लोगों के इलाज में जुटी हुई है.

जानकारी के मुताबिक, कोलारस स्थित ग्राम मोहराई का है। काली माता मंदिर के समीप धार्मिक कार्यक्रम में हल्वा बना हुआ था। जिसे वहां मौजूद लोगों को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। लेकिन, कुछ देर बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी। सैकड़ों लोगों के बीमार होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की जानकारी मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के टीम के हाथ -पांव फूल गए। तत्काल प्रभाव से डॉक्टरों की टींम गांव पहुंची। जहां सभी का इलाज जारी है।

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दुकान से लिया गया घी का सैंपल

धार्मिक आयोजन में हल्वा बनने के लिए जिस दुकान से घी लिया गया था. प्रशासनिक टीम उस दुकान पर पहुंचा, और वहां पर घी का सैंपल लिया गया. जिसे जांच के लिए भेज दिया गया है. वहीं, कुछ लोगों को इलाज के लिए कोलारस अस्पताल में एडमिट कराया गया. लोगों के मुताबिक, जिले में मिलावटखोरी का कारोबार जमकर फल फूल रहा है. ये जानने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी दुकानदारों पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं. और लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं. जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

कैसे पहचानें असली और नकली घी (Tips To Recognize Real and Fake Ghee)

पानी से करें असली और नकली की पहचान

घी की जांच करने के लिए एक कांच के ग्लास में पानी ले लिजिए। अब एक चम्मच घी पानी के गिलास में डाल दें. अगर आपका घी पानी के सतह के ऊपर तैरने लगता है, तो घी शुद्ध है. अगर घी कांच के ग्लास के तल पर बैठ जाता है, तो वो अशुद्ध है. जो कि आपके हेल्थ के लिए काफी खराब भी हो सकता है.

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उबालकर करें असली घी की पहचान

घी को एक कड़ाही में निकाल लें. फिर उसे गर्म आंच पर गर्म कर ले. अब पिघले हुए घी को एक कांच के ग्लास में भर दें. फिर फ्रीज में ठंडा होने के लिए रख दें. अब देखना होगा कि गिलास के ऊपर एक अलग परत बन जाती है. इसका मतलब घी शुद्ध है.

आयोडिन जांच से पता करें घी शुद्ध है या मिलावटी

इसके लिए आपको एक बर्तन में घी लेना है और उसमें कुछ बूंदें आयोडीन की मिलाना है. इसके बाद आपको इसका मिश्रण बनाना है. अब इसे लगभग 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर घी का रंग चेक करें. अगर घी लाल या नीला रंग का दिखाई दे रहा है तो वह मिलावटी घी है.